शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 14 फरवरी। बुद्धि व विद्या की अधिष्ठात्री माॅ शारदे की पूजा अर्चना खुशी-खुशी, परंपरागत रूप से धूमधाम के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर निजी तथा सार्वजनिक स्थलों पर माॅ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की गई। वसंत पंचमी के दिन रवि योग के शुभ संयोग में श्रद्धालुओं ने ज्ञान को प्रबुद्ध करने तथा अज्ञानता को दूर करने हेतू माॅ सरस्वती की पूजा अर्चना की। माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। वसंत पंचमी के दिन माॅ सरस्वती के साथ-साथ विद्यार्थियों ने पुस्तक एवं लेखनी की भी पूजा अर्चना की तथा अबीर-गुलाल चढ़ाया। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया। वसंत पंचमी से ही होली की शुरुआत हो जाती है। शाहपुर-बनाही रोड में वंडरलैंड क्लीनिक के पास रखे गए माॅ सरस्वती की प्रतिमा की सजावट देखते ही बन रही है। मौसम पर भारी पड़ा आस्था। खराब मौसम एवं बारिश के बावजूद भी लोगों ने धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ माॅ सरस्वती की पूजा अर्चना की। जगह-जगह पर पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया। बच्चों, युवाओं और युवतियों ने डांस कर और गीत गाकर एंजॉय किया। गाॅव-गाॅव में सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी की धूम मची रही। वंडरलैंड क्लीनिक के पास माॅ शारदे की पूजा अर्चना मे विष्णु गुप्ता, बबली गुप्ता, मनीष गुप्ता, शुभम गुप्ता, रौशन गुप्ता, शत्रुघ्न गुप्ता, हरेराम लाल, आरबी ओझा, वेंकटेश ओझा, स्वीटी, हिमांशु, सुधांशु, विनीत, विशाल, पिंटू, राहुल आदि शामिल थे।

