पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं हेतु निःशुल्क सोलर स्थापना पर जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 फरवरी।आज पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत कुटीर ज्योति टैरिफ के ऐसे उपभोक्ताओं, जिनकी मासिक विद्युत खपत 250 यूनिट से कम है, के लिए 1.1 किलोवाट क्षमता के निःशुल्क रूफटॉप सोलर पैनल स्थापना विषय पर एक व्यापक जागरूकता एवं समन्वय कार्यक्रम का आयोजन राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, भोजपुर में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी, भोजपुर तनय सुल्तानिया रहे। विशिष्ट अतिथियों में उप समाहर्ता, भोजपुर, पद्मश्री भीम सिंह भावेश, प्राचार्य, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, भोजपुर तथा पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल इंचार्ज उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सोलर स्थापना योजना से जुड़े सभी प्रमुख हितधारकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इसमें विभिन्न बैंकों—स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया—के प्रतिनिधि, पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि (मुखिया एवं वार्ड सदस्य), सोलर स्थापना के बाद नेट मीटरिंग लगने के उपरांत-जीरो (शून्य) बिजली बिल प्राप्त करने वाले लाभार्थी, सोलर विक्रेता तथा स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना से जुड़े प्रतिनिधि शामिल रहे।
कार्यक्रम स्थल पर आम जनता की सुविधा हेतु बैंकों द्वारा सब्सिडी एवं ऋण प्रक्रियाओं की जानकारी के लिए स्टॉल लगाए गए थे । साथ ही, सोलर विक्रेताओं द्वारा सोलर उपकरणों की प्रदर्शनी तथा स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लाभों का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया, जिससे उपभोक्ताओं को ऊर्जा बचत, पारदर्शिता एवं तकनीकी लाभों की स्पष्ट जानकारी मिली।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसे पटना की रंग-माटी की टीम ने साधना के नेतृत्व में प्रस्तुत किया। इस रचनात्मक एवं संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से स्मार्ट मीटर की आवश्यकता, पीएम सूर्यघर योजना के लाभ तथा कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए नई निःशुल्क सोलर स्थापना योजना को प्रभावशाली ढंग से जनमानस तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी, भोजपुर द्वारा अन्य अतिथियों के साथ दिप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर चार सोलर विक्रेताओं को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जिलों के विभिन्न 18 ऐसे लाभार्थियों, जिनका बिजली बिल सोलर स्थापना के बाद शून्य हो गया है, को प्रशस्ति पत्र एवं विद्युत उपकरण भेंट किए गए। इसके अतिरिक्त, सोलर स्थापना के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 35 जनप्रतिनिधियों को शॉल एवं पौधा प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में सुषमलता, मुखिया—दावां (प्रखंड: जगदीशपुर) ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंचायत कार्यालय का पहले मासिक बिजली बिल लगभग 29 हजार रुपये आता था, जबकि 3 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल की स्थापना के बाद यह घटकर 19 हजार रुपये प्रतिमाह रह गया है, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 1.2 लाख रुपये की सीधी बचत हो रही है।
वहीं चंदवा-आरा के उपभोक्ता रविशंकर सिंह ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि के कारण उनके बजट पर भारी दबाव पड़ रहा था। विद्युत कार्यालय से सोलर पैनल के तकनीकी पहलुओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया। सरकारी सब्सिडी एवं स्थापना प्रक्रिया पूरी तरह Glitch Free रही और उन्हें केवल एक बार बैंक जाना पड़ा। समस्त आवेदन एवं सब्सिडी की प्रक्रिया पीएम सूर्यघर पोर्टल के माध्यम से संपन्न हुई।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, भोजपुर तनय सुल्तानिया ने नवीकरणीय ऊर्जा की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगवाया है, वे मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित निगरानी कर ऊर्जा बचत एवं कम बिल का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने अभियंत्रण छात्रों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों एवं उपभोक्ताओं से सोलर स्थापना एवं स्मार्ट मीटर (जो सोलर में नेट मीटर की तरह कार्य करता है) के लाभों को व्यापक रूप से प्रचारित करने की अपील की। साथ ही, कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए निःशुल्क सोलर स्थापना, जिसमें सुविधा ऐप पर सहमति देना आवश्यक है, की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने जीविका दीदियों, बैंकों एवं बीडीओ को जोड़कर कुटीर ज्योति परिसर एवं घरेलू उपभोक्ताओं (DS1 एवं DS2) के बीच जागरूकता बढ़ाने का भी आह्वान किया।
पद्मश्री श्री भीम सिंह भावेश ने अपने संबोधन में निःशुल्क सोलर स्थापना के आर्थिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना हाशिए पर रहने वाले समुदायों के जीवन स्तर में सुधार एवं सामाजिक-आर्थिक उत्थान का सशक्त माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण नंदन सिंह, वरीय प्रबंधक (राजस्व) द्वारा दिया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुशील कुमार, विद्युत अधीक्षण अभियंता ने प्रस्तुत किया।

