‘कर के सीखने’ और ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रविधियों में शिक्षकों ने दिखाई रूचि
आरा/भोजपुर 03 फरवरी।स्थानीय बी.एस.डीएवी. प.स्कूल, मिल रोड में कल से आरंभ दो दिवसीय शिक्षण संवर्धन कार्यशाला आज संपन्न हुई। डीएवी सी.ए.ई.दिल्ली के मार्गदर्शन में डीएवी.प.स्कूल्स बिहार प्रक्षेत्र के कुल आठ विद्यालयों के लगभग साढे तीन सौ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आयोजित प्रशिक्षण कार्य में हिस्सा लिया। विदित हो कि डीएवी अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए सी.बी.एस.ई.के मानकों के अनुरूप वर्ष में दो बार इस तरह का आयोजन करता है।
आयोजित कार्यशाला में एलिमेंट्री एजुकेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम(ई.ई.डी.पी.) के तहत नर्सरी और कक्षा एक-दो की शिक्षिकाओं का प्रशिक्षण विशेष रहा। खेल गतिविधि आधारित शिक्षण शैली को केंद्र में रखकर दिए जा रहे इस प्रशिक्षण में सबकी तल्लीनता बनी रही।
दूसरी ओर कला, मानवीकी, विज्ञान, समाज विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर आदि के प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों द्वारा ‘कर के सीखने’ और ‘कबाड़ से जुगाड़’ थीम पर गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। सभी विषयों-संभागों में ऑडियो-वीडियो और नवीन तकनीकों का प्रयोग भी उत्सुकता से सीखा-सिखाया गया।
आयोजित क्षमता संवर्धन कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय पदाधिकारी वी.आनंद कुमार ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को नवाचार से लैस होकर कक्षाओं में आधुनिक परिवर्तन लाने का आह्वान किया। शिक्षण शैली को तकनीक व कौशल युक्त बनाकर शिक्षण प्रविधि को समृद्ध करने की अपील की सभी प्रशिक्षकों को शॉल और पुस्तक देकर सम्मानित करते हुए मेजबान प्राचार्या नीशू जायसवाल ने शुभकामनाएँ दी। कार्यशाला सफल रही।


‘कर के सीखने’ और ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रविधियों में शिक्षकों ने दिखाई रूचि