देशी कलाकृतियों से निर्मित उत्पादों का कर रहे खरीदारी।
दीदी की रसोई में घर जैसा मिल रहा स्वाद।
स्वच्छता इतनी की जमीन पर बैठ आगंतुक ले रहे भोजन का आनंद।
मेला दर्शन को विद्यालयों के बच्चों की लग रही कतार।
मंगलवार को एक करोड़ 21 लाख का हुआ व्यापार।
सांस्कृतिक संध्या में सुरों का हो रहा संगम।
विभिन्न योजनाओं के प्रति किया जा रहा जागरूक
RKTV NEWS/पटना(बिहार )19 दिसंबर।देशी अंदाज़ में आयोजित सरस मेला ने आधुनिक समाज में भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। मेला में बिके उत्पादों का बढ़ता हुआ क्रेज इस बात का प्रमाण भी हैं कि आगंतुक पुन: अपनी लोक संस्कृति, परंपरा और लोक कला से रूबरू हो रहे हैं l आगंतुक अपने घरों को सवारने के लिए ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को ही तरजीह दे रहे हैं l वर्तमान समय में बिहार सरस मेला राष्ट्रीय स्तर पर परिलक्षित है l
बिहार सरस मेला में प्रदर्शित शिल्प ,लोक कलायें, उत्पाद एवं व्यंजन आम से लेकर खास , देशी से लेकर विदेशियों को लुभा रहे हैं l यहाँ तक कि स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच सरस मेला का क्रेज देखते ही बन रहा है l प्रतिदिन खास एवं प्रतिष्ठित हर उम्र लोग मेला में आ रहे हैं और अपनी सैकड़ों वर्ष पुरानी संस्कृति, परंपरा , हस्तशिल्प एवं देशी व्यंजनों का लुत्फ़ उठा रहे हैं।विदेशी सैलानी भी भारत देश की लोक कला एवं हस्तशिल्प का अवलोकन करते हुए उनके उनके जुबां से स्वतः ही लविंग दिस के भाव उद्बोधित हो जा रहे हैं l पोलैंड से आई पोला और उनका परिवार पटना में एक शादी समारोह में आया हुआ है l पटना में सरस मेला के आयोजन की जानकारी उन्हें मिली l सपरिवार वो बुधवार को मेला में आई और मेला में प्रदर्शित शिल्प को देखकर उन्होंने इसे अद्भुत कहा। पश्बिम बंगाल से आई 75 वर्षीय दंपत्ति रमेश वर्मन एवं उनकी पत्नी से सरस मरिसर में बैठकर बड़े चाव से मक्के की रोटी और चने की साग को खाया l उनके लिए सरस मेला में आनेक यादगार पल बन गया है। बिहार सरस मेला जीविका द्वारा 12 दिसंबर से 26 दिसंबर 2024 तक आयोजित है।
सरस मेला में बिहार, हरियाणा , महाराष्ट्र, पंजाब, केरला,तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड , पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आसाम , ओड़िसा,पांडीचेरी, गुजरात,छत्तीसगढ़ एवं जम्मू-कश्मीर से स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी और स्वरोजगारी अपने-अपने प्रदेश के शिल्प, लोक कला,परिधान,सजावट के सामान और देशी व्यंजन आदि को लेकर उपस्थित हैं । 500 सेअधिक स्टॉल एरिया में हस्तशिल्प और देशी व्यंजनी का बाज़ार सजा हुआ है l
छह दिनों में खरीद -बिक्री का आंकड़ा 6 करोड़ पार कर गया है l 12 से 17 दिसंबर तक 6 करोड़ 20 लाख 51 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है l छठे दिन मंगलवार लगभग 1 करोड़ 2 0 लाख 47 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद- बिक्री हुई है l सरस मेला के सातवें दिन 18 दिसंबर को अनुमानतः 96 हजार से अधिक लोग आए।
जीविका दीदियों द्वारा संचालित 4 ग्राहक सेवा केंद्र से रूपये की जमा – निकासी हो रही है l 6 दिनों में लगभग ढाई लाख रुपये जमा एवं लगभग 1 लाख रुपये की निकासी हुई है।
जीरो वेस्ट इवेंट सरस मेला में उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद- बिक्री के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार और जन जागरूकता अभियान विभिन्न संस्थानों एवं विभागों तथा बैंको द्वारा चलाये जा रहे है।
सेमिनार हॉल में आर.से.टी.ई के तत्वाधान में स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर उन्मुख किया गया। रैंग्वे राघव, सहायक निदेशक, एन.आई.आर.डी , रूचि सिंह, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका , रंजना रश्मि,प्रोजेक्ट प्रबंधक, आर.से.टी.ई एवं श्री राहुल कुमार , प्रोजेक्ट प्रबंधक ने स्वरोजगार में सफलता का गुर बताया।
स्वच्छता एवं सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त सरस मेला में पालना घर, फूड जोन, फैन जोन और सेल्फी जोन के प्रति आगंतुकों का आकर्षण देखते ही बन रहा है।
मुख्य सांस्कृतिक मंच पर रिद्धम प्लेयर्स म्यूजिकल टीम, पटना के तत्वाधान में राहुल सैनी ने गायन से दर्शकों को झुमाया l तत्पश्चात जैक म्यूजिकल टीम,पटना द्वारा युवाओं ने लोकगीतों को आधुनिक वाद्ययंत्रों के समावेशन के साथ प्रस्तुति की l राम जी से पूछे जनकपुर की नारी और कहे तोसे सजनी तोहरी सजनिया जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को आनंदित किया।कलाकारों में आलोक, हर्ष, सुहानी, रुद्राक्ष , निशांत आदि रहे। मंच संचालन गुलाम सिमनानी एवं नाज़िश बानो, राज्य प्रबंधक, जीविका ने किया।







