बागपत/उत्तर प्रदेश 29 जनवरी।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में कौशल विकास मिशन के अंतर्गत शिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) विषयंक के संबंध में बैठक कर संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए।उ०प्र० सरकार / भारत सरकार की महत्वपूर्ण एव महत्वकाक्षी अप्रेन्टिस प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विभिन्न अधिष्ठानो/उद्योगो /कार्यालयो में जहा पर 30 या इससे अधिक कर्मचारी / अधिकारी (संविदा सहित) कार्यरत है अप्रेन्टिसशिप एक्ट 1961 के अंतर्गत विभिन्न व्यवसायो से एन०टी०सी० प्रमाण पत्र धारको को अप्रेन्टिस रिक्तियो के सापेक्ष नियोजित करना अनिवार्य है जिससे उनकी व्यवहारिक ज्ञान एंव कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके। उक्त योजना में निहितप्राविधानों में दी गई व्यवस्था के अर्न्तगत भारत सरकार / उ० प्र० सरकार (एन० ए० पी० एस०/ सी० एम०ए o पी० एस०) द्वारा प्रत्येक शिशिक्षु को मासिक वृत्तिका भुगतान हेतु अधिष्ठानो को (त्रमासिक भुगतानों)
प्रोत्साहन राशि (1500+1000) 2500 प्रतिपूर्ति उनकी मॉग / सूचना पर किया जाना प्राविधानित है।
जनपद बागपत में एस एसडीएफ एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना से संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभा किया गया साथ ही जिला अप्रेंटिसशिप समिति के सदस्यों एवं संबंधित सरकारी विभागों की अप्रेंटिस रिक्तियां एवं उनको भरे जाने के संबंध में समीक्षा की गई जिसमें जिलाधिकारी द्वारा सभी विभागों को अपने विभागों एवं अधिष्ठानों में नियमानुसार अप्रेंटिस रखने के निर्देश दिए उन्होंने कहा जिन विभागों में 29 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं उनमें अप्रेंटिसशिप रखना अनिवार्य है , साथ ही प्रधानाचार्य आईटीआई को अप्रेंटिसशिप की गाइडलाइन विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदाताओं की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्देशित किया गया की आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष संपूर्ण रजिस्ट्रेशन कर प्रशिक्षण कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए साथ ही जिनका प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है उनका असेसमेंट कराकर उनका रोजगार से जोड़ा जाए उक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्रधानाचार्य आईटीआई ,डीसी कौशल विकास ,जीएमडीआईसी जिला सेवा योजन अधिकारी, अधीक्षण अभियंता के प्रतिनिधि अधिशासी अभियंता नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
