पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 21 दिसम्बर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोधगया स्थित तिब्बतियन मोनेस्ट्री मे बौद्ध धर्म गुरु परम पावन दलाई लामा से मुलाकात की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने परम पावन दलाई लामा को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया और उन्हें नमन कर उनका आशीर्वाद लिया।
तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दीर्घायु एवं स्वस्थ रहने का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा से कहा कि आप जब भी यहां आते हैं तो हम आपसे मिलने और आपका आशीर्वाद लेने आपके पास आते हैं। हम लोग सभी धर्म का सम्मान करते हैं बौद्ध धर्म के प्रति भी हम लोगों का सम्मान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा को वैशाली में बनने वाले बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री के आग्रह को परम पावन दलाई लामा ने स्वीकार किया।
तिब्बतियन मोनेस्ट्री में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय संघ मंच के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके पश्चात महाबोधि मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाबोधि महाविहार एवं बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी कार्यालय में 180 केडब्लूपी सोलर पावर प्लांट का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही महाबोधि मंदिर के उत्तर दिशा में पीतल से निर्मित भव्य द्वार का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने महाबोधि मंदिर के आउटर बाउंड्री रेलिंग का भी शिलान्यास किया।
इसके पश्चात महाबोधि मंदिर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने बोधि वृक्ष की भी पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार एवं डॉ एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मगध प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवङे, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक छत्रनील सिंह, गया के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस एम, गया के वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती, बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी की सचिव महाश्वेता महारथी, बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी के सदस्य अरविंद सिंह, चीफ मौंक चालीन्दा भन्ते समेत वरीय पदाधिकारी, भंते गण और बौद्ध श्रद्धालु गण मौजूद थे।

