साहित्य, संस्कृति और शिक्षा को प्राथमिकता देने का किया आग्रह, पुस्तक-लोकार्पण के लिए दिया आमंत्रण।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )13 मई। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने मंगलवार की संध्या बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके १ अणे मार्ग स्थित आवासीय कार्यालय में भेंट की तथा साहित्य, संस्कृति और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
डा सुलभ ने मुख्यमंत्री को स्मरण दिलाया कि वे बिहार के मंदिरों और गुरुद्वारा आदि पुण्य-स्थलों से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं, यह अच्छी बात है, किंतु बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन भी साहित्य का एक प्राचीन मंदिर ही है, जहाँ आकर उन्हें दिवंगत ऋषि-साहित्यकारों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए । डा सुलभ ने उन्हें मधुबनी-कला से युक्त वन्दन-वस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर बधाई भी दी तथा भगवान श्री राम की बिहार यात्रा के क्रम में प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर पड़े उनके चरण, उन स्थलों की महिमा और ऐतिहासिक-आध्यात्मिक महत्त्व पर दस वर्षों के शोध पर आधारित अनेक अचंभित करने वाली तथ्यपूर्ण सूचनाओं से समृद्ध, चर्चित शोध-लेखक श्री रवि संगम द्वारा लिखित और साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘रामायण परिपथ, बिहार’ के लोकार्पण हेतु आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने हर्ष के साथ सम्मेलन आने की इच्छा व्यक्त की तथा आश्वस्त किया कि तिथि निर्धारित कर वे अपने कार्यक्रम से अवगत कराएँगे।
डा सुलभ ने पत्र लिख कर भी बिहार में उत्तर प्रदेश सहित अनेक प्रांतों में स्थापित हिन्दी संस्थानों की भाँति बिहार में भी ‘बिहार हिन्दी संस्थान’ की स्थापना, ‘हिन्दी प्रगति समिति, बिहार’ के पुनर्गठन तथा बिहार की भाषायी अकादमियों को सक्षम और समृद्ध बनाने का आग्रह भी किया है।

