RK TV News
खबरें
Breaking NewsOther

ऑल इंडिया अभिवावक संघ ने के. के. पाठक के पुतले में लगाई आग।

RTE के तहत बीस हजार निजी स्कूलों में से ज्ञानदीप पोर्टल पर मात्र बारह सौ पचास स्कूलों का ही पंजीकरण यह साबित करता है की निजी स्कूल शिक्षा का केंद्र न होकर व्यवसाय का केंद्र बने हुए है,उन स्कूलों को अविलंब सील कर देना चाहिए: राकेश रॉय

पटना/ बिहार 02 दिसंबर।ऑल इंडिया अभिभावक संघ अध्यक्ष सह आरटीआई कार्यकर्ता राकेश रॉय की अध्यक्षता में BEO ,DEO की निजी स्कूलों से साठ गाठ के चलते आज तक सभी स्कूलों में आरटीई को पूर्णरूप से लागू न कराने और छुट्टी के नाम पर शिक्षा के मुद्दे को राजनीतीकरण कराने के विरोध में के के पाठक के विरोध स्वरूप पुतला दहन किया गया।
आरटीआई कार्यकर्ता राकेश रॉय ने कहा कि एक ओर शिक्षा मंत्री जिनको शिक्षा पर बात करनी चाहिए वे रामायण महाभारत और कुरान की बात करते रहते हैं जबकि के के पाठक शिक्षा में कई बिंदुओं पर अच्छा कार्य कर रहें हैं जिसे अभिभावक लोग सराहना करते हैं पर बार बार छुट्टी का मुद्दा उठाने से राजनीतीकरण को बल मिलता है वो जैसा है अभी वैसा रहने देना चाहिए क्योंकि सभी अभिभावको का ध्यान शिक्षा से हट कर सिर्फ इसी मुद्दे पर चर्चा कराने में लगा दिया जाता है जिससे समान गुणवतापूर्ण शिक्षा मुहीम को कमजोर करने में मदद मिलती है उसका हम विरोध करते हैं। पक्ष हो या विपक्ष नेता तो बैठे ही हैं इन्हीं मुद्दे को लेकर गरीब बच्चों को अनपढ़ बनाए रखने के लिए ताकि चुनाव में इनके पीछे झंडा लेकर घूमता रहे। जहां नेताओं और अमीरों का बेटा विदेश में और सुख सुविधा से लैस स्कूलों में पढ़ते हैं वहीं सरकारी स्कूल जो अभी मात्र गरीबों का स्कूल बन कर रह गया है वहां भी इसे सिर्फ राजनीति का केंद्र बना दिया गया है।
राकेश रॉय ने कहा की दूसरी ओर आरटीई को लागू हुए कई वर्ष हो गए हैं पर BEO DEO के मिलीभगत के चलते इसे आज तक किसी भी निजी स्कूलों में पूर्णतः लागू नहीं कराया गया पंजीकरण की अवधि समाप्त हो जाने के बाद अभी तक बीस हजार निजी स्कूलों में से ज्ञानदीप पोर्टल पर मात्र बारह सौ पचास स्कूलों ने ही पंजीकरण कराया है। जिससे ये निजी स्कूल शिक्षा का केंद्र न होकर व्यवसाय का केंद्र बना हुआ है उन स्कूलों को अविलंब सील कर देना चाहिए और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बड़े नेताओं का, अमीरों का, सरकारी अधिकारियों का, कर्मचारियों का यहां तक कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के बच्चें सिर्फ निजी स्कूलों में ही पढ़ते हैं। जिन्हें खुद ही विश्वास नहीं है सरकारी स्कूल के शिक्षा पर वे बातें करते हैं और नियम बनाते हैं सरकारी स्कूलों में शिक्षा की उत्थान की। जब तक बड़े नेताओं, सरकारी अधिकारी कर्मचारी और खास कर शिक्षा विभाग से जुड़े सभी लोगों के बच्चो को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने को लेकर कोई रूप रेखा तैयार नहीं होगी तब तक सरकारी स्कूलों में गुणवतापूर्ण शिक्षा नहीं आ सकती और ये मात्र राजनीति करने का केंद्र बना रहेगा जहां शिक्षा में व्यवस्था परिवर्तन की बात जिसमें मेरी द्वारा मांगी आरटीआई में बताया गया है की राज्य में 5418 स्कूलों का अपना भवन नहीं, 54 प्रतिशत स्कूलों का चहारदीवार नहीं आदि अनेक मुद्दों पर बात और कार्य होनी चाहिए वहां सिर्फ़ राजनीति की बात होती रहती है।

Related posts

मध्यप्रदेश:मुख्यमंत्री ने किया निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन।

rktvnews

इंदौर:चेतावनी के बाद भी अग्नि सुरक्षा प्रबंध नहीं करने पर कार्यालय ,शोरूम एवं दुकानों वाली दो बिल्डिंग सील।

rktvnews

उज्जैन:10वा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जायेगा।

rktvnews

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने नई दिल्ली स्थित एम्स के 68वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की।

rktvnews

उज्जैन:मंत्री गौतम टेटवाल एवं चैतन्य काश्यप की उपस्थिति में हुए एमओयू साइन।

rktvnews

‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में नई शुरुआत, नए चेहरों और नई कहानी के साथ आएगा जनरेशन लीप

rktvnews

Leave a Comment