
आरा/भोजपुर 13 नवम्बर।इंसाफ मंच के राज्य सचिव व आरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी क्यामुद्दीन अंसारी ने अपने ब्यान मे संवाददाताओं को बतलाया कि आरा नगर निगम आरा नहर पर प्रत्येक साल होने वाले विभिन्न छठ घाटों की साफ-सफाई मे पुरी तरह विफल है।
आज तड़के टहलने के बाद अपने सहयोगियों के साथ इंसाफ मंच के राज्य सचिव व आरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी क्यामुद्दीन अंसारी छठ पूजा घाटों का मुआयना करने निकल पड़े। सबसे पहले सपना सिनेमा मोड़ सूर्य मंदिर, मोती टोला छठ पूजा घाट, बलुअहिया घाट, अहिरपुरवा छठ पूजा घाट, धरहरा छठ घाट पहुंच कर छठ घाटों का मुआयना करते हुए,उक्त सभी घाटों पर पसरे गंदगी,नहर मे पनपे जलगोभी,गंदे नालों का पानी,और गड्ढों को देख बिफर पड़े।इस दौरान उनके साथ पूर्व वार्ड पार्षद नागेन्द्र यादव,हिम्मत यादव,राहुल कुमार व अन्य थे।
इंसाफ मंच के राज्य सचिव व आरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी क्यामुद्दीन अंसारी ने कहा कि आरा नगर आयुक्त निरज कुमार भगत कथित तौर पर तानाशाह है तथा आरा शहर के साफ – सफाई सड़क गली पर कोई ध्यान नहीं देते इनकी निगाह तो कमिशन पर लगी रहती है आरा शहर सहित आरा के सभी घाटों की साफ-सफाई मे आरा नगर आयुक्त पुरी तरह विफल है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा की भाजपाई सांसद आर के सिंह ने नहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर कई गड्ढों को खुदवा दिया है जिनमे पूजा के दौरान अप्रिय दुर्घटना होने की आशंका है।छठ पूजा घाटों को मौत का कुआं बना दिया है।मेयर ईन्दू देवी नगर के संसाधनों को लुटने मे व्यस्त है। क्यामुद्दीन अंसारी ने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा की आरा विधायक अमरेन्द्र प्रताप सिंह जितने के बाद टाटा,तो पूर्व विधायक अनवर आलम साहब पटना अगोरे हुए है और आरा की सभी समस्याओं की जवाबदेही हमारे कंधों पर डाल दिये हैं। उन्होंने कहा की मै इस जवाबदेही को लेकर आरा विधानसभा की समस्त जनता के सवालों को उठाने की कोशिश कर रहा हूं।पिछले 7 नवम्बर 2023 को जिला पदाधिकारी से मिलकर छठ पूजा घाटों की साफ -सफाई का सवाल उठाया था तो थोड़ा बहुत साफ-सफाई दिख रही है। क्यामुद्दीन अंसारी ने जिला पदाधिकारी से मांग की है कि छठ पूजा घाटों की साफ-सफाई के साथ साथ नहर मे पनपे जलगोभी की साफ सफाई कराई जाय। भाकपा माले नेता ने जोर देकर कहा कि छठ पूजा को देखते हुए नहर मे तत्काल पानी छोड़ा जाय जिससे छठवर्त करने वाले साफ पानी मे नहां सकें।

भाकपा माले नेता ने कहा कि कल दीपावली का पर्व था मै दीपावली मनाने अपने मुहल्ला अबरपुल निवासी श्यामकिशोर से मिला और शाम मे धरहरा कुम्हारटोली निवासी शिवजी से मिला और उनकी जिन्दगी मे झांकने की कोशिश की काफी पड़ताल के बाद पता चला की दीपावली के दीपक बनाने वाले वर्कर्स का जीवन बहाल है उनके पास अपना ठीक-ठाक घर भी नहीं है नहीं उतने पैसे है की उनके बच्चे पढ़ सके.यहां तक की उनके पास अपने परिवार के इलाज के पैसे भी नहीं रहते।भाकपा माले नेता ने सरकार से मांग की है कुम्हारी पेशा से जुड़े वर्कर्स को दो दो लाख अनुदान उपलब्ध कराए।



