
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)23 सितंबर।शाहबाद को कमिश्नरी बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुँचती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में आज शाहबाद कमिश्नरी निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले कोर्ट परिसर में एक विशेष सेमिनार और जनसभा का आयोजन किया गया। साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं कर आमजन को इस जनांदोलन से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य अधिवक्ता देवेंद्र प्रसाद को जेपी स्मारक के पास सभा को संबोधित करते समय अचानक चक्कर आ गया और वे गिर पड़े। इस हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें तुरंत सदर हॉस्पिटल आरा में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सभा में उपस्थिति और समर्थन
आज की सभा में बड़ी संख्या में शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। सभा में मुख्य रूप से धीरेंद्र प्रसाद सिंह, अशोक मिश्रा, डॉ. जितेंद्र शुक्ला, अशोक मानव, डॉ. रघुवर प्रसाद, निकेश पांडे, अमित पांडे, दीपक कुमार अकेला, कृष्णेन्दु, डॉ. राज पांडे, पप्पू सिंह, बद्री विशाल सिंह, राहुल तिवारी सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जनसमूह की भारी भागीदारी और उनके उत्साह ने यह संकेत दिया कि शाहबाद को कमिश्नरी बनाए जाने की मांग अब एक जनांदोलन का रूप ले चुकी है।
सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों का समर्थन
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने संघर्ष समिति को अपना समर्थन देने की घोषणा की। कविताई संघ की ओर से डॉ. जितेंद्र शुक्ला ने संघर्ष समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात कही, जिसे सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में समर्थन दिया
संघर्ष समिति के सदस्यों ने यह ऐलान किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शाहबाद को पूर्ण कमिश्नरी का दर्जा नहीं मिल जाता
