जख्मी अज्ञातों और लावारिसो को सिर्फ इलाज के लिए अस्पताल में छोड़ देना और दुबारा उनकी सुधी या शिनाख्त के लिए प्रयत्नशील न होना क्या यह है हमारी व्यवस्था?: अमरदीप कुमार जय
आरा/भोजपुर 5 नवंबर। थोड़ी कोशिश कीजिए साहब ….. मिल जायेगा पता। ये संबोधन टीम मदर टेरेसा सेवाकर्मी भोजपुर के संस्थापक अध्यक्ष अमरदीप कुमार जय द्वारा सदर अस्पताल में 20 अक्टूबर 2023 को इलाज के लिए जीआरपी रेलवे आरा द्वारा भर्ती कराए गए एक अधेड़ की हालत देख कर कही।
अमरदीप कुमार जय ने बताया की आए दिन जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा जख्मी अज्ञात व्यक्तियों को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती तो कराया जाता है यह कार्य सराहनीय भी है लेकिन सिर्फ उनको भर्ती करा दुबारा उनकी शिनाख्त या उनके परिजनों की खोज ख़बर नहीं ली जाती जो प्रशासनिक ,सामाजिक और नैतिक कर्तव्यों से परे है और निंदनीय भी इस पर प्रशासन और बुद्धिजीवी वर्ग को विचार करने की जरूरत है।उन्होंने बताया की इस परिस्थिति को दुर्भाग्य कहे या प्रशासनिक लचर व्यवस्था जहां एक ओर हम डिजिटल भारत का आह्वाहन कर रहे है और विश्व गुरु बनने की चाह में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं तो दूसरी ओर आधुनिक तकनीकों का सामाजिक स्तर पर सहायता करने से कतराते है या फिर यूं कहे इसकी जरूरत ही नही महसूस होती आखिर होगी भी क्यों?असहाय,लावारिसो एवं अज्ञात लोगों को भगवान के सहारे छोड़ अपनी मानवता और कार्यब्यों को परिपूर्ण मानते है।

अमरदीप कुमार जय ने जिला प्रशासन से आग्रह करते हुए कहा है की यदि वे थोड़ी कोशिश करें तो अज्ञातों के उनके हाथों ,चेहरे, रेटिना के आधार पर आधार जनित उपलब्ध व्यवस्था का उपयोग कर उनकी शिनाख्त और उनके परिजनों का भी पता लगाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा की जिला प्रशासन को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म और व्हाट्सअप ग्रुप में इनकी फोटो शेयर करनी चाहिए ताकि उनकी जानकारी हासिल हो सकें जो एक कुशल प्रशासन और मानवता का परिचायक साबित होगा। उन्होंने बताया की उक्त अज्ञात जख्मी अधेड़ की सेवा उनकी संस्था के सहयोगियों में मुख्य रूप से सकीला हुसैन उर्फ चंदा, रसीदा हाशमी,शकील हाशमी,आलिया प्रवीण,संजय दास,सदर अस्पताल आपातकाल के इंचार्ज चितरंजन सिंह,अमन हुसैन, डॉ श्रीकांत निराला, डॉ के एस चौबे एवं मिशनरी ऑफ चैरिटी चर्च की सिस्टर सुपियेरी ग्रेगोरिया, आदि द्वारा लगातार किया जा रहा है साथ ही उन्होंने बताया की उनकी संस्था ऐसे लोगो की शिनाख्त के लिए अपने स्तर उनकी तस्वीरें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा की जाती हैं।
अमरदीप कुमार जय ने क्षोभ और आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया की जिले में समाजसेवा , असहाय,लावारिस की सेवा के नाम पर अधिकृतरूप से प्रमाणित कई संस्थाएं कार्यरत है उसके बावजूद भी ये आज भी भगवान के भरोशे है।



जख्मी अज्ञातों और लावारिसो को सिर्फ इलाज के लिए अस्पताल में छोड़ देना और दुबारा उनकी सुधी या शिनाख्त के लिए प्रयत्नशील न होना क्या यह है हमारी व्यवस्था?: अमरदीप कुमार जय