RK TV News
खबरें
Breaking Newsसम्मान

शिक्षक दिवस पर विशेष “शिक्षक सम्मान” माॅ जन्म देती है और माॅ ही पहली शिक्षक होती है : लक्ष्मण कुमार श्रीवास्तव

रामेश्वर प्रसाद व अनिला देवी(फाइल फोटो)

पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 5 सितम्बर। पटना के बालकिशुनगंज स्थित सीताराम राजेंद्र प्रसाद (एस आर पी) कालेज मे व्याख्याता के पद पर कार्यरत लक्ष्मण प्रसाद श्रीवास्तव का कहना है कि माॅ जन्मदाता होती है। माॅ हमें जन्म देती है और माॅ ही पहली शिक्षक होती है। जन्म के बाद से बड़े होने तक हर पल मां ही हमें सिखाती है। गोदी से लेकर माओ बनकर चलना, दोनों पैरों पर चलना, खाना, नहाना, धोना, खल्ली एवं चौक पकड़ना, स्लेट पर चौक से लिखना, पेंसिल एवं कलम से कॉपी पर लिखना, पढना यह सब कुछ पहले माॅ ही सिखाती है। इसमें माॅ के साथ पिता का भी अहम योगदान होता है। हालांकि नौकरी, व्यवसाय या अन्य कार्य करने के कारण पिता की भूमिका मां की अपेक्षा कुछ कम होती है। आय के स्रोत पिता ही होते हैं जिससे लालन-पालन, खाने-पीने और पढ़ाई- लिखाई की व्यवस्था हो पाती है। इसलिए पिता का योगदान भी बराबर ही होता है। मेरे पापा रामेश्वर प्रसाद और मां अनिला देवी का हम सभी भाई बहनों की शिक्षा दीक्षा में अहम योगदान है।
लक्ष्मण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि मेरे और हम सभी भाई बहनों के गुरु मेरे फूफा जी अयोध्या प्रसाद श्रीवास्तव ही थे।

अयोध्या प्रसाद श्रीवास्तव

वे विद्युत विभाग में महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत हुए। मेरे फूफा जी ने ही हम लोगों को शुरुआती शिक्षा दी। मेरे फूफा जी अयोध्या प्रसाद श्रीवास्तव पटना में ही पदस्थापित थे और हम लोगों के घर पर ही रहते थे। बचपन में उन्हीं की देखरेख में हम लोगों की पढाई-लिखाई हुई। कार्यालय से आने के बाद शाम में और रात में फूफा जी हम सभी भाई बहनों को पढ़ाने बैठ जाते थे। फूफा जी ने अभिभावक और शिक्षक दोनों की भूमिका बखूबी निभाई। कुछ वर्षों के बाद उनका तबादला पटना से हो गया। फूफा जी ने हम लोगों की शिक्षा और पढ़ाई- लिखाई के संबंध में एक मजबूत नींव डाल दी। आज मैं जो भी हूॅ, उन्हीं के कारण हूँ। सही मायने में मेरे गुरु मेरे फूफा जी अयोध्या प्रसाद श्रीवास्तव ही रहे। भारतीय खाद्य निगम में अधिकारी होने के कारण मेरे पिताजी रामेश्वर प्रसाद की पदस्थापना अन्यत्र जगहों में ही ज्यादा रही। वे घर पर आते जाते रहते थे। पढ़ाने-लिखाने के मामले में फूफा जी ने ही पिताजी का धर्म निभाया। आज हमारे मां पापा हम लोगों के बीच नहीं है लेकिन उन लोगों के सही गार्जियनशिप और उचित मार्गदर्शन से ही हम लोगों ने अपनी मुकाम हासिल की। मां-पापा ने पूरी जिंदगी एक शिक्षक की भूमिका निभाई।

Related posts

भोजपुर:भिखारी ठाकुर लोकोत्सव 2024 के आयोजन पर स्मारिका का होगा प्रकाशन।

rktvnews

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के हणोल गांव में ‘आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव–2026’ में भाग लिया।

rktvnews

दिल्ली: दो नावों की सवारी में आप हुई धड़ाम!

rktvnews

सारण:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आपूर्त्ति टास्क फोर्स की बैठक।

rktvnews

भोजपुर:भाजपा के बूथ सशक्तिकरण अभियान के तहत सरैया मंडल के बूथ कार्यकताओं की बैठक।

rktvnews

भोजपुर:शशांक शुभंकर को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पुरस्कृत होने पर पूर्व छात्र नेता डॉ. सुरेन्द्र सागर ने दी बधाई।

rktvnews

Leave a Comment