बागपत/उत्तर प्रदेश 12 अगस्त।भारत सरकार की सचिव अलका उपाध्याय, संयुक्त सचिव सरिता चैहान एवं निदेशक (पशुधन स्वास्थ्य) सिद्रमप्पा चालकपुरे ने शुक्रवार को चैधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान,बागपत निरीक्षण किया। राष्ट्रीय स्तर पर चैधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान बागपत का पशुओं के रोग नियंत्रण कार्यक्रम में प्रमुख योगदान है। निदेशक डा. अजित सिंह यादव ने भारत सरकार के सचिव एवं संयुक्त सचिव को संस्थान की उपलब्धीया तथा आवश्यकता की जानकारी दी। सचिव ने संस्थान के कार्यो को सराहा व इसके आधुनिकरण एवं विस्तार के बारे में वैज्ञानिकों से चर्चा की व सुझाव मागे। सचिव ने संस्थान को पशु स्वास्थ्य के विषय पर अपना कार्य क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया। जलवायु परिवर्तन की वजह से पशुओं में विभिन्न तरह के नये रोग उत्पन्न हो रहे है जिनके लिए नये-नये टींके विकसित हो रहे है। अतः उन टींको की गुणवत्ता जाना एक चुनौती पूर्ण कार्य है ओर संस्थान को इस विषय में दक्षता प्रदर्शित करनी है। बदलते हुए जैव सुरक्षा मानदन्डो के अनुसार संस्थान के आधुनिकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत सरकार संस्थान के आधुनिकरण के प्रस्ताव पर गम्भीर विचार कर रही है।
भारत सरकार के विभिन्न पशु टींकाकरण कार्यक्रम में टींको की गुणवत्ता की जाँच संस्थान में करी जाती है। अधिकारियों ने चैधरी चरण सिंह, राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान ,बागपत का निरीक्षण किया एवं लैबो में जाकर गुणवत्ता नियन्त्रण के लिए किए जा रहे परिक्षणों को देखा। संस्थान में टींको की परिक्षणों के लिए रखे गये पशुओं को भी देखा एवं पशुओं की समुचित देखभाल के लिए प्रशंसा करी। संस्थान गलघोटू व रानीखेत रोग नियन्त्रण के टींको की जाँच करने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। सचिव ने खुर पका मुWह पका] पीपीआर समेत 10 ओर बिमारियों की वैक्सीन की क्वालिटी टेस्टींग की मान्यता दिलाने का भरोसा दिया। टेस्टींग में पास होने के बाद ही कम्पनीया वैक्सीन को बजार में भेजती है। सचिव ने कहा कि टींको की गुणवत्ता नियत्रंण के लिए भारत सरकार काफी गम्भीर है और गुणवत्ता को लेकर किसी तरफ का समझौता नही करेगी। सचिव ने संस्थान की आवश्यकताओं का जल्दी ही समाधान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर डीएम जितेन्द्र कुमार सिंह ने बागपत जनपद मे पशुओं का टींकाकारण एवं उपचार के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों की प्रगती के बारे मे सचिव को विस्तृत जानकारी प्रदान की। डा. संदीप कुमार,डा. अश्विनी कुमार सिंह, डा. श्वेता रघुवंश,डा. शिंजिनी शर्मा,डा. विकास गुप्ता,डा. निहार नलिनी मोहंती एवं डा. आलोक कुमार यादव उपस्थित रहे।

