पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 8 अगस्त। “जनता के दरबार म मे मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हुए और विभिन्न जिलों से आए 72 लोगों की समस्याओं को सुना तथा उसके निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, निगरानी विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, निर्वाचन विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और संसदीय कार्य विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई की गई। जमीन पर अवैध कब्जे से संबंधित अनेक मामले आये। कई मामले जमाबंदी से संबंधित आये जिसमें जमाबंदी से गलत तरीके से नाम हटाकर दूसरे का नाम चढ़ा दिया गया है। भागलपुर जिले से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री को बताया कि जमाबंदी से मेरा नाम हटाकर किसी और का नाम चढ़ा दिया गया है। संबंधित विभाग में शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। भागलपुर जिले से ही आए एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुहार लगाते हुए कहा कि 22 डिसमिल जमीन का मेरे पक्ष में फैसला आने के बाद भी भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। मधेपुरा जिले से एक युवक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि अंचलाधिकारी द्वारा अनियमितता किए जाने से मेरी निजी जमीन का कब्जा मुझे नहीं मिल पा रहा है। सुपौल जिले से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाया कि मेरी जमीन को फर्जी कागज के आधार पर दूसरे व्यक्ति ने बेच दिया है। सुपौल जिले की ही एक अन्य महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि मेरी निजी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है और मारपीट की जा रही है। सीतामढ़ी जिले से आई एक महिला ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि मेरी निजी जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन मकान का निर्माण किया जा रहा है। सीतामढ़ी जिले से आए एक अन्य युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि कब्रिस्तान की घेराबंदी नहीं की जा रही है। शिकायत किए जाने के बावजूद भी संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जहानाबाद जिले से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से बताया कि मेरी निजी भूमि का अधिग्रहण किए जाने के बाद भी मुझे मुआवजे की राशि अब तक नहीं मिल पाई है।
“जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता, खान एवं भूतत्व मंत्री डा रामानंद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा उपस्थित थे।

