भोपाल/मध्यप्रदेश 11जुलाई। भोजपुरी लोकगीत कजरी बिरहा के दूसरे दिन कि सभा में श्रोतागणो क़ो भोजपुरी रस से भाव विभोर कर दिया गायिका अनामिका वर्मा नें।भोजपुरी साहित्य अकादमी के द्वारा दो दिवसीय समारोह में भोजपुरी लोकगीत कजरी बिरहा स्थानीय सभागृह में आयोजित दूसरे दिवस भोजपुरी अनामिका वर्मा ने अपनी गायकी से भोजपुरी रस में भाव विभोर कर दिए। इस समारोह में प्रीति झा तिवारी द्वारा लोक पतंग नाट्य आगे के भाग का भी प्रस्तुति की गया। जिसे दर्शको ने काफी पसंद किया। सावन का महीना और कजरी लोकगीत एक दूसरे के पूरक है,सावन में कजरी गायन का विशेष महत्व भी है।लोक संस्कृति के संरक्षण में भी कजरी का अमूल्य योगदान है,कजरी सावन के उल्लास को प्रदर्शित करने वाली विधा है।कजरी को लोकगीतों की रानी भी कहा जाता है।लोक परंपराओं के संरक्षण की दृष्टि से भोजपुरी साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश का यह प्रयास अभिनंदनीय अनुकरणीय है।इस अवसर पर भोजपुरी व्यंजन का भी जमकर लुफ्त का आनंद लिया श्रोतागण ने।


