
उमरिया/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)12 मई।कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी राखी सहाय ने बताया कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1215.70 मि.मी. है। वर्ष 2024-25 में 1036.5 मि.मी. वर्षा हुई थी। जबकि वर्ष 2025-26 में 1373.6 मि.मी. वर्षा हुई है। जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है, किन्तु विगत वर्ष में अल्प वर्षा थी इस वर्ष सामान्य औसत वर्षा से 157.90 मि.मी. अधिक होने पर भी पेयजल स्त्रोतों का जल स्तर ग्रीष्म ऋतु में गिरना प्रारंभ हो गया है। जिससे ग्रीष्म ऋतु तक पेयजल संकट की विकराल संभावना से इंकार नही किया जा सकता है। भविष्य में पेयजल संकट की संभावित स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत जिले में नवीन निजी हैण्डपम्प,नलकूप खनन तथा सतही स्त्रोतों जैसे स्टॉप डैम, चेक डैम, नदी, तालाब आदि के पानी को सिंचाई प्रयोजन के लिए प्रतिबंधित करना आवश्यक हो गया है, ताकि जल स्तर नीचे जाने से जिले में पेयजल की स्थिति प्रभावित न हो।
कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी राखी सहाय ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए सम्पूर्ण उमरिया जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित किया है । उक्त अधिनियम की धारा 6 (1) के अंतर्गत आदेशित किया है कि सम्पूर्ण उमरिया जिले में नवीन निजी हैण्डपम्प ,ट्यूबवेल उत्खनन कार्य तथा स्टाप डैम, चेकडैम, नदी, तालाब आदि के पानी को सिंचाई प्रयोजन के लिए आगामी आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा,तथा आदेश के उल्लंघन पर प्रावधानों के अनुरूप वैधानिक कार्यवाही की जा सकेगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उमरिया द्वारा पेयजल व्यवस्था हेतु खनन किए जाने वाले नलकूपो पर लागू नही होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
