
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)24 जून।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका, सुधांशु कुमार शशि के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका के तत्वाधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग द्वारा आज ऑब्जर्वेशन होम, ओल्ड एज होम तथा मूकबधिर आवासीय विद्यालय में मेडिकल कैंप एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थानों में निवासरत बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांग विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित अतिथियों द्वारा स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। इस अवसर पर चिकित्सकों की टीम ने सभी लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, मधुमेह, आंख एवं अन्य सामान्य रोगों की जांच की गई तथा आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया गया। चिकित्सकों ने स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
विधिक जागरूकता सत्र के दौरान डालसा के सचिव, विवेक कुमार ने उपस्थित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, बाल संरक्षण कानून, किशोर न्याय अधिनियम, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, नशामुक्ति तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी प्रदान की। वरिष्ठ नागरिकों को उनके संरक्षण एवं भरण-पोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई, वहीं ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी अधिकारों से अवगत कराया गया। हिज़ला स्थित
मूकबधिर आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को सांकेतिक भाषा एवं सरल माध्यमों से उनके अधिकारों, शिक्षा के महत्व तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है तथा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में वे डालसा कार्यालय अथवा अपने क्षेत्र के पारा विधिक स्वयंसेवकों से संपर्क कर सकते हैं।
शिविर में बड़ी संख्या में बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग विद्यार्थी, संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों के बीच स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता संबंधी सूचना-पत्रों का वितरण किया गया तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य एवं न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।
