
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)08 अगस्त।उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, छात्रवृत्ति, छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों के निर्माण, विद्यालयों के मरम्मत कार्य, स्मार्ट क्लास, आदिवासी कला केंद्र तथा स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई एवं शैक्षणिक प्रगति के लिए छात्रवृत्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करते हुए दो दिनों के अंदर जिले के सभी पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने भवन प्रमंडल सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा निर्माणाधीन भवनों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। जिन भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए उन्हें अविलंब संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए, ताकि उनका उपयोग शीघ्र प्रारंभ हो सके।
आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में पेयजल सहित अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसे संबंधित अधिकारी प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करें।
स्मार्ट क्लास की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले के जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध है, वहां इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता होने पर शिक्षकों की उपलब्धता एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लास का अधिकतम लाभ दिलाया जाए।
उपायुक्त ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में निर्मित आदिवासी कला केंद्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी आदिवासी कला केंद्र अनावश्यक रूप से खाली न रहे। प्रखंड स्तर पर संबंधित विभागों एवं स्थानीय स्तर के लोगों के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए योजना तैयार करें कि इन भवनों का उपयोग आमजनों की सुविधा एवं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी रूप से किस प्रकार किया जा सकता है।
इसी क्रम में उपायुक्त ने संविधान की धारा 275 (1) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सके।
बैठक के दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले कुछ प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों से उपायुक्त द्वारा स्पष्टीकरण भी मांगा गया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
विद्यालयों की आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में छोटे-छोटे मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
बैठक में काठीकुंड स्थित कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पताल की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आमजनों को मिल रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लक्षित लाभुकों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
