14 अगस्त तक मुख्यालय में आवासित होने एवं प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश, उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )08 अगस्त।केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत लाभ आमजनों तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने जिले के सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को अपने-अपने प्रखण्ड-सह-अंचल मुख्यालय में अनिवार्य रूप से आवासित रहने का निर्देश दिया है।
उपायुक्त ने कहा है कि सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यालय अवधि में नियमित उपस्थिति तथा मुख्यालय में आवासित रहना प्रशासनिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है। मुख्यालय में पदाधिकारी के निवास करने से सरकारी योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होता है तथा अधीनस्थ कर्मियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अनुश्रवण भी बना रहता है।
उपायुक्त को विभिन्न माध्यमों से लगातार यह सूचना प्राप्त हो रही थी कि कई प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय में आवासित न होकर जिला अथवा अनुमण्डल मुख्यालय में निवास कर रहे हैं। जबकि सभी प्रखण्ड-सह-अंचल मुख्यालयों में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास उपलब्ध हैं।
इसी के मद्देनज़र उपायुक्त श्री मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो भी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी वर्तमान में अपने मुख्यालय में आवासित नहीं हैं, वे दिनांक 14 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने मुख्यालय में आवासित होना सुनिश्चित करें।
साथ ही सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि मुख्यालय में आवासित होने संबंधी अपना प्रतिवेदन 14 अगस्त 2026 तक जिला गोपनीय शाखा, गढ़वा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 अगस्त 2026 के बाद यदि किसी भी पदाधिकारी के मुख्यालय में आवासित नहीं होने की पुष्टि होती है, तो संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने तथा जनहित एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।

