
RKTV NEWS/ गढ़वा (झारखंड)16 जून।जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं शिकायतों के त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झारजल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने ग्रीष्म ऋतु में आमजन को निर्बाध पेयजलापूर्ति उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए प्रखंड स्तर पर मिस्त्रियों, मुखियागणों, पंचायत सचिवों, कनीय अभियंताओं एवं अन्य संबंधित कर्मियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर आवश्यक तैयारियां ससमय पूरी की जाए।
बैठक में बताया गया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आमजनों की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु झार जल पोर्टल का संचालन किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर 1800-3456-502, मोबाइल एप, व्हाट्सएप नंबर 9470176001 एवं ई-मेल के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, गढ़वा अजय कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार दिनांक 16 जून 2026 तक विभागीय लॉग-इन में कुल 1826 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें 1632 मामले निष्पादित कर दिए गयें। उपरोक्त सभी मामले चापाकल मरम्मती, लघु जलापूर्ति योजना, वृहद जलापूर्ति योजना, पाइपलाइन लीकेज से संबंधित मामले, पेयजल आपूर्ति से संबंधित मामले, जल गुणवत्ता, शौचालय एवं स्वच्छता से संबंधित समेत अन्य श्रेणी से संबंधित मामले शामिल हैं
कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा बताया गया कि प्राप्त शिकायतों में से 1632 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। 25 मामलों को शिकायतकर्ताओं द्वारा वापस ले लिया गया है। 108 मामलों में अग्रेतर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है, जबकि 50 शिकायतें अभी भी विभागीय स्तर पर लंबित हैं। इसके अतिरिक्त 241 मामले विभिन्न प्रखंड विकास पदाधिकारियों के लॉग-इन में प्राप्त है, जिनमें 213 को निष्पादित किया गया जबकि शेष मामले लंबित हैं, जिन्हे शीघ्र है निष्पादित करने कि बात कही गई।
लंबित मामलों की संख्या पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर लंबित शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें तथा सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निष्पादित मामलों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराई जाए, ताकि जिला स्तर पर समेकित प्रतिवेदन तैयार कर मुख्यालय को समय पर भेजा जा सके।
श्री मिश्रा ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंताओं के साथ नियमित बैठक कर क्षेत्रवार कार्यों की समीक्षा करें तथा झारजल पोर्टल की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुखिया, पंचायत सचिव एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद स्थापित कर खराब पड़े चापाकलों की जानकारी प्राप्त की जाए और आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत कराकर चालू कराया जाए।
उपायुक्त ने बताया कि विभाग द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि से आवश्यकतानुसार नए चापाकलों की स्थापना का भी निर्देश दिया गया है। ऐसे स्थान जहां पेयजल संकट की संभावना हो, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आमजनों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि पेयजल से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर झार जल पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस दिशा में सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
