पुनर्वास स्थलों पर जल्द विकसित होंगी सभी मूलभूत सुविधाएं, उपायुक्त ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश।
मंडल डैम परियोजना की समीक्षा में सख्त हुए उपायुक्त, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)07 जून।उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में मंडल डैम एवं काण्डी वितरणी परियोजना के अवशेष कार्यों तथा पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने गत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए कहा कि पुनर्वास स्थलों पर सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्वास केवल विस्थापित परिवारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पुनर्वास स्थलों एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भी समग्र विकास किया जाना आवश्यक है।
बैठक में पुनर्वास स्थलों पर स्थल समतलीकरण, सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, तालाब निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र, सरना-मसना एवं पूजा स्थल, धुमकुड़िया भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।
उपायुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, श्मशान घाट, मंदिर, तालाब एवं खेल मैदान सहित सभी मूलभूत एवं विकासपरक सुविधाओं का समुचित विकास सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुनर्वासित परिवारों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल सके।
मंडल डैम के डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए रंका अंचल के मौजा विश्रामपुर एवं रमकंडा अंचल के मौजा बलिगढ़ में चिन्हित पुनर्वास स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि स्थल समतलीकरण, सड़क, सिंचाई, तालाब, आंगनबाड़ी केन्द्र, सरना-मसना एवं पूजा स्थल, धुमकुड़िया भवन, विद्युत एवं पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि पुनर्वास से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए तैयार की गई योजनाओं को अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों से प्राकलन सम्बन्धी विभाग को भेज दिया गया है। जिनके द्वारा प्राकलन उपलब्ध नहीं कराया गया है, उन्हें निर्देशित किया गया कि आगामी चार दिनों के अंदर प्रस्तावित निर्माण कार्यों का विस्तृत बजट प्राक्कलन तैयार कर समर्पित करें, ताकि आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्रवाई शीघ्र पूरी की जा सके।
बैठक में वन अधिकार समिति की स्वीकृति एवं भूमि डायवर्सन (Land Diversion) से संबंधित प्रक्रियाओं को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। वहीं, उपायुक्त ने अपर समाहर्ता को परियोजना से जुड़े सभी लंबित सर्वेक्षण कार्यों को 10 जून 2026 तक शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित रूप से पूर्ण कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
साथ ही, अनुमंडल पदाधिकारी को लंबित प्रस्तावों को दो से तीन दिनों के भीतर अंतिम रूप देकर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिन विभागों द्वारा अब तक अपने प्रस्ताव नहीं भेजे गए हैं, उन्हें भी शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर समर्पित करने को कहा गया, ताकि उन्हें आगे विभागीय स्तर पर भेजा जा सके।
उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गंभीरता एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, इसलिए सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सोन-कनहर परियोजना की भी समीक्षा की तथा संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक,वन प्रमण्डल पदाधिकारी, दक्षिणी वन प्रमण्डल,असैनिक शल्य चिकित्सक राह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, उप निदेशक, पलामू टाईगर रिजर्व, मेदिनीनगर, पलागू,कार्यपालक अभियंता, (मॉनिटरिंग) जल संसाधन विभाग, मेदिनीनगर, पलामू,कार्यपालक अभियंता, रूपांकन प्रमण्डल सं0-2, मेदिनीनगर, पलामू,जिला कल्याण पदाधिकारी,जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा / रंका,विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, मेदिनीनगर, पलामू,कार्यपालक अभि०, ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल,कार्यपालक अभि०, पथ निर्माण विभाग,कार्यपालक अभि०, भवन प्रमंडल,कार्यपालक अभि०, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल,कार्यपालक अभि०, विद्युत प्रमंडल गढ़वा-1,कार्यपालक अभि०, लघु सिचाई विभाग,जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी,जिला शिक्षा पदाधिकारी,प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, रंका एवं भण्डरिया,अंचल अधिकारी, रंका, रमकण्डा, भण्डरिया एवं काण्डी,WAPCOS के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

