
उमरिया/ मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)04 जून।विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल उमरिया में क्लबफुट (टेढ़े पैर) से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम और उपचार शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में इस जन्मजात विकृति की समय पर पहचान एवं शीघ्र उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने कहा कि क्लबफुट का समय पर उपचार होने पर बच्चों के पैर पूरी तरह सामान्य हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कई बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है और वे अब सामान्य बच्चों की तरह सभी गतिविधियों में भाग लेते हुए स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
शिविर में कुल 7 बच्चे उपस्थित हुए, जिनमें एक बच्चे की कास्टिंग (प्लास्टर) की गई तथा 6 बच्चों को क्लबफुट उपचार हेतु विशेष जूते प्रदान किए गए। वर्तमान में जिले के 29 बच्चे क्लबफुट उपचार कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि जिले की 785 आशा कार्यकर्ताओं को क्लबफुट की पहचान एवं रेफरल प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाया गया है। आशा, एएनएम एवं अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें समय पर उपचार केंद्र तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग भी की जा रही है।
अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लबफुट के सहयोग से जिला अस्पताल में प्रशिक्षित चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों तथा व्यवस्थित फॉलो-अप व्यवस्था के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश चंद सोनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
