बदहाली का कारण
बहाल हुआ,
बाँटा गया श्रेणीयों में,
एक से चार ।
मेरी आकांक्षा
अच्छे टेबुल की,
उनकी कुर्सी की ।
मैं सहलाता,
पूछ कुर्सी की
कुर्सी वाला मंत्री की ।
कुर्सी वाला,
बैठा संचिका दाबे,
आलमारी में ।
मंत्री बैठता,
पाँच साल तक चुप,
जनता रोती ।
टेबुल वाला ज
गह छोड़ खोजता,
मुल्ला बाहर ।
जानकारी में,
होता है सब कुछ,
लाचार र्शीष ।
सबने मोड़ा,
मुँह काम से,
यंत्र बुलाया ।
बैठने लगे,
काम वाले हाथ,
आयी छंटनी ।
युवा बेकार,
बुढ़े को इंतजार
समस्या हल का


