विकास योजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें सभी विभाग : राजीव रंजन, उपायुक्त
RKTV NEWS/जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)11 जुलाई।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला योजना, जिला विकास एवं ग्रामीण विकास शाखा अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए तथा प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान जिला योजना, जिला विकास एवं ग्रामीण विकास शाखा के तहत संचालित पुल-पुलिया, पीसीसी एवं ग्रामीण सड़क निर्माण, पहुंच पथ, कल्वर्ट, सामुदायिक भवन, पेयजल एवं जलापूर्ति योजनाएं, विद्यालय भवनों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय एवं रसोईघर निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्रों से संबंधित आधारभूत संरचना, खेल मैदान विकास सहित अन्य जनोपयोगी योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनके लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
डीएमएफटी (जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास) मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, पेयजल सुविधाओं के विस्तार, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास तथा अन्य स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने भूमि विवाद अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित योजनाओं का शीघ्र समाधान कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों का लाभ समयबद्ध रूप से लोगों तक पहुंचना चाहिए।
नीति आयोग के सहयोग से संचालित योजनाओं की समीक्षा में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, जनजातीय क्षेत्रों में लाइब्रेरी-सह-रिसोर्स सेंटर की स्थापना तथा सरकारी विद्यालयों में रसोईघर निर्माण आदि की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा एवं पोषण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
एमपी एवं एमएलए लैड से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) समय पर उपलब्ध कराने तथा लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उपायुक्त ने सभी कार्यपालक एजेंसियों को स्पष्ट कहा कि बिना उचित कारण के कार्यों में विलंब अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संवेदकों एवं उत्तरदायी पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा, स्थल निरीक्षण तथा गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष बल दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, निदेशक एनईपी, उप नगर आयुक्त जेएनएसी, जिला योजना पदाधिकारी, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

