जनगणना-2027 को बताया विकास की आधारशिला, प्रशिक्षण ले रहे प्रगणकों का बढ़ाया उत्साह।
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)02 मई।जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रवि आनंद ने आज कुंदा प्रखंड क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां कर्मियों की उपस्थिति की गहन जांच की गई। कई कर्मियों के अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण मांगने एवं एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।कार्यालयों के निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने साफ-सफाई की स्थिति का भी बारीकी से अवलोकन किया। व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कर्मियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कार्यालय परिसर में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली निरीक्षण में सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त प्रखंड सभागार पहुंचे, जहां जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर चल रहे प्रगणकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया। प्रशिक्षण ले रहे प्रगणकों से संवाद करते हुए उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया एवं उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जो देश की विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना-2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी, जिसे इस बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न कराया जाएगा। प्रगणक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़ों का संग्रहण करेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।उपायुक्त ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं भवन गणना तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मई से 15 मई 2026 तक सेल्फ एन्यूमरेशन, 16 मई से 14 जून 2026 तक हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन तथा फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना प्रस्तावित है। उन्होंने सभी प्रगणकों को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इसके पश्चात उपायुक्त प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र, कुंदा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने रोस्टर के अनुसार चिकित्सक एवं कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच की, साथ ही दवा भंडारण कक्ष, प्रसूति कक्ष एवं साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने हेतु उन्होंने स्वयं शुगर एवं ब्लडप्रेशर जांच भी कराई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर उपस्थित रहने एवं स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्तमान स्थिति में सुधार नहीं होने पर अगली निरीक्षण में संबंधित कर्मियों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण क्रम में उपायुक्त ने कुंदा प्रखंड स्थित प्राचीन महादेव मठ का भी दौरा किया, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने पुजारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों से मठ के सौंदर्यीकरण को लेकर सुझाव लिए। उन्होंने अंचल अधिकारी को निर्देशित किया कि आवश्यकताओं का आकलन कर ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराते हुए सूची उपलब्ध कराएं, ताकि मठ के सौंदर्यीकरण की दिशा में ठोस पहल की जा सके।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ करने का निर्देश दिया।
मौके पर अंचल अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, कर्मी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

