
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 मई।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर (ICAR RCER), पटना द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), भोजपुर के सहयोग से भोजपुर जिले के कोशिहान गांव में “उर्वरकों का संतुलित उपयोग” विषय पर प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम मे पटना के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कमल शर्मा, डॉ. नारायण भक्त, वैज्ञानिक डॉ. सौरभ कुमार एवं KVK भोजपुर के विषय विशेषज्ञ डॉ. सच्चिदानंद ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। उन्होंने किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने किसानों को जैव उर्वरकों, हरी खाद एवं वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग के महत्व तथा उनकी विधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता आधारित प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बताया गया कि मृदा परीक्षण (Soil Testing) के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है।
कार्यक्रम के दौरान “सही प्रकार, सही मात्रा एवं सही समय” पर उर्वरक उपयोग की अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने से उत्पादन लागत में कमी आती है और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
इस अवसर पर 40 से अधिक किसान उपस्थित रहे। किसानों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपनी समस्याएं साझा कीं और विशेषज्ञों से उपयोगी सुझाव प्राप्त किए।
