
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )16 जून।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी संचालन एवं ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने जिले में हड़ताल पर गए सभी मनरेगा कर्मियों को 24 घंटे के भीतर अपने कार्यस्थल पर वापस लौटने का निर्देश जारी किया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि मार्च 2026 से मनरेगा कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने के कारण जिले में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्रामीणों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, जिसके तहत ग्रामीणों द्वारा कार्य की मांग किए जाने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। हड़ताल के कारण योजनाओं के संचालन और रोजगार सृजन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि विभागीय निर्देशों एवं पूर्व में जारी आदेशों के आलोक में हड़ताल पर गए कर्मियों को पहले भी सेवा पर लौटने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक सभी कर्मी कार्य पर वापस नहीं लौटे हैं। इससे मार्च, अप्रैल एवं मई 2026 के दौरान निर्धारित मानव-दिवस सृजन लक्ष्य भी प्रभावित हुआ है।
डीडीसी श्री मुर्मू ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी हड़ताली मनरेगा कर्मी 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से अपनी सेवाओं में योगदान सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार एवं विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने मनरेगा से जुड़े सभी कर्मियों से जनहित एवं ग्रामीण विकास के व्यापक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अविलंब कार्य पर लौटने तथा योजनाओं के सफल संचालन में सहयोग करने की अपील की है।
