
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)25 अप्रैल। आज सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार की अध्यक्षता में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर एक अंतर्विभागीय बैठक सह उन्मुखीकरण एवं शपथ ग्रहण सह उत्कृष्ठ कार्य एवं सहयोग करने वाले को प्रशस्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन सदर अस्पताल सभागार, देवघर में पूर्वाह्न 11:00 बजे से किया गया। इस अवसर पर जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव, जिला भीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव सहित डॉ० संचयन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, डॉ० के. के. सिंह, जिला आरसीएच पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी एनयूएचएम, डॉ० सुषमा वर्मा, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, देवघर सहित नगर विकास विभाग, एम्स देवघर, शिक्षा विभाग, सूचना जनसंपर्क विभाग, जेएसएलपीएस व अन्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण, डॉ० गौरी शंकर, सचिव, आईएमए उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य मलेरिया उन्मूलन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और सामूहिक प्रयासों को सुदृढ़ करना था।
बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए ठोस रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। देवघर जिले में मलेरिया के अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया तथा इसके थीम “Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must. ” यानी “मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्धः अब हम कर सकते हैं। अब हमें करना ही होगा।” के अनुसार कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने मलेरिया उन्मूलन हेतु शपथ ग्रहण कराया गया, जिससे सामुदायिक सहयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता को बल मिला। कहा कि अब हमारे पास मलेरिया उन्मूलन के लिए आवश्यक साधन और विज्ञान उपलब्ध हैं, और हमें मिलकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
बताया गया कि देवघर में वर्ष 2010 से 2025 के बीच मलेरिया रोगियों की दर में लगभग 87 प्रतिशत की कमी पायी गई। मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। जिसके नियंत्रण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, एडवोकेशी, सोर्स रिडक्शन, त्वरीत जांच एवं इलाज पर बल दिया जाना है। ताकि वर्ष 2027 तक मलेरिया के स्वदेशी मामलों में कमी लाना एवं वर्ष 2023 तक मलेरिया उन्मूलन का भारत सरकार के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। आगे कहा कि मच्छर सिर्फ परेशानी पैदा नहीं करते है बल्कि ये मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि जैसे कई खतरनाक बीमारियों के वाहक भी होते है। इन्हीं बीमारियों के कारण मच्छरों को दुनिया का सबसे घातक जीव माना जाता है। इसके लिए एक व्यापक व एकीकृत मचछर प्रबंधन कार्यक्रम आवश्यक है। एक प्रभावी मच्छर प्रबंधन के लिए मुख्यतः चार स्तंभों पर कार्य करने पर बल दिया गया – 1. मच्छर निगरानी एवं रोग परीक्षण, 2. सार्वजनकि शिक्षा, 3. मच्छरों के लार्वा नियंत्रण कार्यक्रम एवं 4. व्यस्क मच्छर नियंत्रण कार्यक्रम।
इस अवसर पर सिविल सर्जन द्वारा मलेरिया नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 18 पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके निरंतर परिश्रम और जनहित में किए गए योगदान की सराहना है। सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि ‘मलेरिया से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है। सामूहिक प्रयासों और विभागीय सहयोग से देवघर जिला को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त किया जा सकता है।”
संदेशः ‘मलेरिया उन्मूलन के लिए हर विभाग और हर नागरिक का सहयोग आवश्यक है। जागरूकता, रोकथाम और समय पर उपचार ही इस रोग से मुक्ति का मार्ग है।”
विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल 2026 के अवसर पर अंतर्विभागीय बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में डॉ. रमेश कुमार, सिविल सर्जन, डॉ. अभय कुमार यादव, जिला भी.बी.डी. पदाधिकारी, डॉ. संचयन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, डॉ. के. के. सिंह, जिला आर.सी.एच. पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी, एनयूएचएम, डॉ. गौरी शंकर, सचिव-आईएमए, डॉ. गणेश कुमार यादव, जिला भी०बी०डी० सलाहकार, नीरज कुमार भगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम, सुशील कुमार दास, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस, ब्रजेश कुमार झा, जिला लेखा प्रबंधक,प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि सिन्हा, एफएलए, कांग्रेस मंडल, डाटा इंट्री ऑपरेटर, राकेश कुमार, एमपीडब्लू, देवघर एवं स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभाग के कर्मचारीगण उपस्थित थे।
