पेयजल से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा कर संबंधित पदाधिकारियों को दिया आवश्यक निर्देश।
पेयजल समस्या के समाधान हेतु झार जल पोर्टल पर करायें शिकायत दर्ज : उप विकास आयुक्त
RKTV NEWS/गढ़वा ( झारखंड)25 अप्रैल।उप विकास आयुक्त, पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समूचित व्यवस्था हेतु जिले के सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस क्रम में कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल अजय कुमार सिंह द्वारा उप विकास आयुक्त को ग्रीष्म ऋतु में जिले अंतर्गत पेयजल हेतु किये गये व्यवस्था के बारे में अवगत कराया गया। उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा द्वारा बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर समीक्षा की गई एवं उपस्थित सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।
उप विकास आयुक्त के द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, जिला गढ़वा को निर्देशित किया गया कि 2 दिनों के अंदर अपने-अपने प्रखण्डों के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मिस्त्री, सभी मुखिया एवं कनीय अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित पदाधिकारियों/कर्मियों के साथ बैठक करते हुए ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समस्या से निपटने हेतु सभी आवश्यक तैयारी करना सुनिश्चित करें। जिले को RRP के तहत प्राप्त कुल लक्ष्य 893 के क्रियान्वयन हेतु सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि वैसे चापाकल जिसका पाईप एवं रड खराब होने के कारण बंद है, उसकी सूची 7 दिनों के अंदर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, गढ़वा को भेजना सुनिश्चित करेंगें एवं SR के प्राप्त कुल लक्ष्य 146 के क्रियान्वयन हेतु वैसे विभागीय चापाकल जो सूख गये हैं, जिसका बोर धस गया हो या किसी अन्य कारणवश बंद पड़े हैं उसकी सूची भी 7 दिनों के अंदर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, गढ़वा को भेजना सुनिश्चित करेगें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रखण्ड स्तर पर शिकायत हेतु बनाये गये Toll Free No. को ग्रामीणों में अधिक से अधिक प्रचारित किया जाय ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच हो सके और पेयजल की उत्पन्न समस्या को ससमय दूर किया जा सके। साथ ही जिले अंतर्गत 15वें वित्त एवं माननीय विधायक/सांसद निधि की राशि से अधिष्ठापित चापाकल को संबंधित मुखिया के माध्यम से मरम्मति कराते हुए उसे चालू करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
इस दरम्यान उप विकास आयुक्त ने झारखण्ड सरकार के द्वारा संचालित झार जल पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्राप्त करने हेतु सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, जिला-गढ़वा एवं कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वछता प्रमण्डल, गढ़वा को झार जल पोर्टल का बयापक प्रचार-प्रसार करने हेतु निर्देशित किया ताकि जिले अंतर्गत पेयजल की समस्या से संबंधित प्राप्त शिकायतों का समेकित रूप से समीक्षा किया जा सके।उन्होंने कहा कि कोशिश ये रहे कि शिकायत हेतु झार जल पोर्टल का उपयोग सभी लोग करें ताकि केन्द्रीकृत रूप से समस्या का समाधान शीघ्र किया जा सके। उन्होंने झार जल पोर्टल पर पेयजल की समस्या से संबंधित शिकायत दर्ज करने के आसान माध्यम बताये। उन्होंने कहा कि टोल फ्री न०-1800-3456-502, मोबाईल पोर्टल ऐप: jharjaljharkhand.gov.in, Whatsapp No. 9470176001 एवं ई-मेल:-callcenter.jharkhand@gmail.com पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जल जीवन मिशन अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं यथा MVS, SVS Cluster एवं SVS योजनाओं में से जिस योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है एवं उससे जलापूर्ति किया जा रहा है, उससे निरंतर जलापूर्ति बहाल रखने हेतु सभी कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, गढ़वा को निदेशित किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान कुछ प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत क्रियान्वित योजना जिसके खेत या घर के पास लगा है, उनके द्वारा योजना का दुरूपयोग करते हुए खेत पटाया जा रहा है या निजी उपयोग किया जा रहा है। तत्पश्चात उप विकास आयुक्त द्वारा वैसे सभी लोगों को चिन्हित कर उन्हें एक बार चेतावनी देते हुए उस योजना से लक्षित सभी घरों को जलापूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु सभी कनीय अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, गढ़वा एवं सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, जिला-गढ़वा को निर्देशित किया गया। साथ ही इस संबंध में इनके क्षेत्रान्तर्गत कार्यरत जल सहिया को ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित कर सम्यक रूप से सभी को निर्धारित जल उपलब्ध कराने हेतु त्वरित कार्रवाई करने के लिए जल सहिया के साथ बैठक करने का निदेश दिया गया।
वी.सी. में जानकारी दी गई कि शिकायत दर्ज करने के विभिन्न माध्यमों पर अब तक जिले के सभी 20 प्रखंडों से कुल 1101 शिकायत प्राप्त हुए हैं, जिसमें चापाकल मरम्मति से संबंधित 847, लघु जतापूर्ति योजना से संबंधित 171, बृहद जलापूर्ति योजना से संबंधित 10, पाइपलाइन लीक से संबंधित 14, पानी आपूर्ति से संबंधित 17, जल गुणवत्ता से संबंधित 12, शौचालय एवम् स्वच्छता से संबंधित (SBM-G Related) 5 एवं अन्य से संबंधित 24 मामले प्राप्त हुए हैं। उपरोक्त कुल प्राप्त शिकायतों में कुल 797 मामले निष्पादित कर दिए गयें, जबकि 154 मामले लंबित हैं। 15 मामले अस्वीकृत किए गए एवं 22 मामले अग्रेतर कार्रवाई हेतु प्रक्रियाधीन है।

