नई सोच-नई खेती अपनाकर बागपत के 87 प्रगतिशील किसान बढ़े समृद्धि की राह पर।

जिलाधिकारी ने चिया सीड्स खेती का निरीक्षण कर किसानों को किया प्रोत्साहित।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)10 अप्रैल। बदलती खेती, बदलता बागपत—जनपद में अब ‘काला सोना’ कही जाने वाली चिया सीड्स की फसल नई उम्मीद बनकर उभर रही है। कम पानी, कम लागत और ज्यादा मुनाफे वाली इस फसल ने किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है।
खेकड़ा स्थित बागपत नेचुरल फार्म हाउस में कुछ माह पूर्व बोई गई चिया सीड्स की फसल अब तैयार हो चुकी है। अब पहली फसल तैयार होने पर इसकी कटाई के दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और खेती की प्रगति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी का लक्ष्य है कि चिया सीड्स की खेती को जनपद में इस स्तर तक पहुंचाया जाए, जहां यह बागपत की नई पहचान बने और किसानों की आय का मजबूत आधार तैयार करे। वर्तमान में जनपद के 87 किसान चिया सीड्स की खेती अपना चुके हैं। यह आंकड़ा बागपत की खेती में बदलाव की शुरुआत का संकेत है।
गन्ने जैसी पारंपरिक फसलों के कारण गिरते भूजल स्तर और घटती उर्वरक क्षमता के बीच चिया सीड्स एक टिकाऊ विकल्प बनकर सामने आया है। कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल पर्यावरण के अनुकूल भी है और भविष्य की जरूरत भी। चिया सीड्स के स्वास्थ्य लाभों के चलते इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। बाजार में इसकी कीमत 300 से 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रही है, जिससे किसानों को बेहतर आय की संभावना मिल रही है।
बागपत प्रशासन ने ‘बागपत ब्लूम’ ब्रांड के तहत चिया सीड्स उत्पाद को बढ़ावा देने की योजना बनाई है, ताकि किसानों को सीधे बाजार से जोड़कर उनकी आय सुनिश्चित की जा सके। सुपरफूड चिया सीड्स की खेती कम लागत में होती है और मात्र तीन महीने में तैयार हो जाती है, जिससे यह तेजी से मुनाफा देने वाली फसल बन रही है।
मार्गदर्शिका और प्रशिक्षण से मजबूत हो रहा अभियान
किसानों की सुविधा के लिए चिया सीड्स की खेती पर विशेष मार्गदर्शिका तैयार की गई है। साथ ही, पूर्व में प्रशिक्षण और जागरूकता सत्र आयोजित कर किसानों को इस खेती के लिए तैयार किया गया है। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे परंपरागत सोच से आगे बढ़कर नई खेती को अपनाएं और चिया सीड्स के माध्यम से अपनी आय और भविष्य दोनों को मजबूत करें।
इस अवसर पर एसडीएम खेकड़ा मनीष यादव ,जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी धीरज सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

