
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 अप्रैल।श्री हनुमान जन्मोत्सव पर श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् और सनातन-सुरसरि सेवा न्यास के संयुक्त तत्त्वावधान में फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित श्रीहनुमत्-सदन में पूजन-अर्चन एवं प्रवचन आयोजित किया गया।इस अवसर पर प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातनशक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य (डॉ)भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि साक्षात् भगवान शिव ही श्रीराम भक्ति और वैदिक सदाचार की रक्षा के लिए वानराकार विग्रह धारण कर श्रीहनुमान बनकर आए।श्रीहनुमान जी की श्रीराम भक्ति,अप्रतिम शक्ति, विद्या,बुद्धिचातुर्य,वाग्वैदुष्य, युद्धकौशल आदि अनन्त सद्गुणों की मुक्तकंठ से प्रशंसा स्वयं भगवान श्रीराम ने की है।श्रीराम लक्ष्मण से कहते हैं कि श्रीहनुमान जी के विद्वत्तापूर्ण लंबे भाषण के बावजूद तनिक दोष नहीं हुआ और ऐसा मंत्री जिस राजा के पास हो उसकी सफलता सुनिश्चित है। श्रीहनुमान जी अखण्ड ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर हरेक असंभव को संभव करने का संदेश देते हैं।सीतान्वेषण के क्रम में निराश-हताश वानरों को स्वयंप्रभा तपस्विनी की गुफा में ले जाकर सुरस फल, जल और आशीर्वाद दिलाया तथा महासागर का लंघन कर सीता जी को श्रीराम का संदेश सुनाया और लंकादहन कर रावण तथा उसके लोगों को प्रभु के प्रताप से परिचित कराया।सुग्रीव और विभीषण को राजा बनवाकर श्रीराम के नेतृत्व में भूमंडल पर आदर्श रामराज्य की स्थापना कराई।श्रीहनुमान जी का चारों युगों में प्रताप है और इनकी उपासना से सभी देवताओं की कृपा प्राप्त हो जाती है।इनकी उपासना सरल-सहज है,ये अपने भक्तों के लिए सदा सुगम-सुलभ रहते हैं।सेवकों के हित में संतत निकट रहते हैं। आचार्य ने सभी को विशेषकर युवा पीढ़ी को श्रीहनुमान जी की उपासना करने और विद्याध्ययन, सदाचार व परोपकार में निरत रहने की प्रेरणा प्रदान की।इस अवसर पर प्रो बलिराज ठाकुर, शिवदास सिंह, सत्येन्द्र नारायण सिंह, कुमार सौरभ, पिंटू सिंह समेत तमाम गण्यमान्य उपस्थित थे। संस्थान के सचिव सत्येन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि आज से एक सप्ताह तक प्रतिदिन श्रीहनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ होगा।


