सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कृति का सजीव प्रदर्शन।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 26 मार्च। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के नाट्य विभाग के विद्यार्थियों ने कल ‘बकरी’ नाटक का शानदार मंचन किया। यह नाटक आजादी के बाद की भारतीय राजनीति में नैतिक मूल्यों की गिरावट और व्याप्त अंधविश्वास पर एक कड़ा प्रहार है। नाटक में भ्रष्ट नेताओं द्वारा जनता के शोषण और उनके कुकर्मों को छिपाने के लिए अपनाए गए राजनीतिक हथकंडों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है।
इस नाटक का निर्देशन अतिथि व्याख्याता डॉ. शिशु कुमार सिंह ने किया। मंचन को सफल बनाने में हर्ष अग्रवाल, ओमेंद्र पूरी गोस्वामी, हर्षल मेश्राम, दीपक साहू, अरविंद बसु, रुपेश तेंदुलकर, आशुतोष द्विवेदी, हर्षित डहरिया, काव्या त्रिमाले, वीरेंद्र साहू और किशन साहू जैसे युवा कलाकारों ने अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें अपने काम में पूर्णता लाने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजन यादव ने विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में और आगे बढ़ने की सीख दी। प्रो. राजन यादव ने नाट्य मंचन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का निवेदन किया। कुलपति डॉ. शर्मा ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए जल्द ही आवश्यक सामग्रियों की जानकारी साझा करने का आश्वासन दिया।


