गोकुल सोनी की लघुकथाओं में सर्वथा नवीन और रचनात्मक विषयों का चयन होता है : सुभाष नीरव
RKTVNEWS/भोपाल(मध्यप्रदेश) 16 जून ।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मायाराम सुरजन भवन में आज अंतिम सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल सोनी के लघुकथा संग्रह “अपने अपने समीकरण” पर पुस्तक विमर्श का आयोजन किया गया।
दिल्ली से पधारे देश के सुविख्यात लघुकथाकार सुभाष नीरव ने कहा कि आज के समय में साहित्य संकट के दौर से गुजर रहा है। भारत में ही नहीं विदेशों में भी समाचार पत्रों के साहित्य के पन्ने या तो समाप्त कर दिए गए हैं या सीमित हो गए हैं। ऐसे विद्रूपताओं भरे समय में वही साहित्यकार जीवित रहेगा जो ऐसा कुछ लिखे जिसको पढ़ने के लिए पाठक मजबूर हो जाए।
श्री गोकुल सोनी की लघुकथाएं ऐसी ही लघुकथाएं हैं जो अपने आप को पाठक से पढ़वा लेती हैं। कांता रॉय ने कहा कि श्री सोनी जो भी लिखते हैं वह मन को छू जाता है। लघुकथाओं की बारीकियों को ध्यान में रखते हुए लिखने वाले गोकुल सोनी देश के लघुकथाकारों में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ लघुकथाकार घनश्याम मैथिल अमृत ने किया।

गोकुल सोनी की लघुकथाओं में सर्वथा नवीन और रचनात्मक विषयों का चयन होता है : सुभाष नीरव