प्रख्यात चित्रकार डॉ. एल.एन. भावसार को समर्पित रहा कार्यक्रम; कुलपति प्रो. अरुण वाजपेयी के काव्यपाठ और विदुषी शोभा चौधरी के शास्त्रीय गायन ने बांधा समां।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 15 फरवरी। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के संरक्षण में कल ‘श्रुति मंडल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रतिष्ठित कला शिक्षक एवं प्रख्यात चित्रकार डॉ. एल.एन. भावसार को समर्पित रहा। डॉ. लक्ष्मी नारायण भावसार भोपाल के फाइन आर्ट विभाग में शिक्षा एवं कला के क्षेत्र में दीर्घकाल से सक्रिय रहे। उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें डी.लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन पश्चात कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजन यादव के स्वागत वक्तव्य से हुआ। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी के सम्मान में शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान तथा उनकी रचित पुस्तकों की जानकारी साझा की। इसके उपरांत कुलपति प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने काव्यपाठ प्रस्तुत किया। उन्होंने सुमधुर गजलों एवं गीतों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर से मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. शैलजा चंद्राकर (दुर्ग) एवं प्रथम शिक्षक हरजीत सिंह सहोटा (भिलाई) उपस्थित रहे। उन्होंने सुदर्शन क्रिया तथा विभिन्न यौगिक क्रियाओं के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की कला पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने हेतु प्रेरित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति के क्रम में प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका विदुषी शोभा चौधरी (इंदौर) ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से समां बांध दिया। उन्होंने राग धानी से गायन का प्रारंभ किया। तत्पश्चात राग श्री की प्रस्तुति दी और अंत में भगवान शिव को समर्पित चैती राग प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिवाकर कश्यप सहायक प्राध्यापक ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘श्रुति मंडल’ का यह आयोजन कला, साहित्य, संगीत और अध्यात्म का समन्वित संगम बनकर विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक परंपरा को और समृद्ध करने वाला सिद्ध हुआ।

