
RKTV NEWS/रायपुर(छत्तीसगढ़)15 फरवरी। जनवादी लेखक संघ की स्थापना के 45 साल पूर्ण होने पर रायपुर और भिलाई में काव्य गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में क्रमशः जलेस के राज्य सचिव पूर्णचंद्र रथ और कोषाध्यक्ष मुमताज ने 14 फरवरी 1982 को बांदा में हुए पहले स्थापना सम्मेलन से आज तक के इतिहास पर चर्चा की और बताया कि आपातकाल के बाद किस तरह के हालातों में प्रलेस की नीतियों से निराश होकर विचारशील रचनाकारों को एकजुट हो कर एक नया संगठन बनाना पड़ा। इस अवसर पर उन्होंने जल, जंगल और जमीन से जुड़ी तथा राजनैतिक रुझान की अपनी कविताओं का पाठ भी किया।
रायपुर में नवोदित युवा कवि आरभी झा तथा ऋचा रथ सहित स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन, छत्तीसगढ़ से जुड़ी महिला पत्रकारों ने काव्यपाठ किया, जिसमें आफ़ताब बेग़म, भावना झा, सैयद सलमा, सुजाता साहा, अनुराधा गुप्ता आदि विशेष रूप से शामिल थीं। वरिष्ठ कवि और उपन्यासकार डॉ नंदन ने गोष्ठी की अध्यक्षता की।
आरभी झा ने अपनी परिपक्व कविताओं से पहले की और आज की पत्रकारिता का अंतर स्पष्ट किया। ऋचा रथ ने अपनी स्त्री केंद्रित कविताओं में घर-परिवार के प्रति समर्पित होने और स्वयं के सपनों के लिए संघर्ष करती स्त्रियों का दर्द रखा। अनुराधा गुप्ता ने अपनी उम्र के चार दशक पूरी करते जा रही स्त्री के अधूरे अरमानों को कविता में व्यक्त किया।
आफ़ताब बेगम की ग़ज़लों में गुलाबों की बगिया में भी कांटों की बजाय फूलों से खरोंच आने के बिंबों से अपनी बात कही गयी। सैयद सलमा ने अपनी छोटी-छोटी कविताओं से समाज में एक स्त्री के समक्ष उपस्थित स्थितियों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में सबसे वरिष्ठ प्रतिभागी प्रेम मुंडेजा ने आज के समय में हो रहे नए-नए अनुभवों पर केंद्रित अपनी बात कविताओं के माध्यम से की।
भिलाई में बहुभाषीय कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता लोकबाबू ने की। कवि गोष्ठी में हिन्दी, उर्दू ,बंगाली, तेलुगु भाषा की कविताओं और गजलों को प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाश मंडल, ब्रजेश मल्लिक, मीता दास, अंजन कुमार, रियाज गौहर, नौशाद सिद्दीकी, वीअप्पा राव, सोनिया नायडू, डा.बीना सिंह रागी, परमेश्वर वैष्णव, उमेश कुमार आदि ने प्रस्तुत किया। राकेश बम्बार्डे ने आभार व्यक्त किया।
