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देवघर:उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने फाइलेरिया मुक्ति अभियान एमडीए 2026 का किया शुभारंभ।

फाइलेरिया की दवा है सुरक्षित सभी लोग करें इसका सेवन : उप विकास आयुक्त

उप विकास आयुक्त ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

 

झारखंड में चिन्हित सर्वाधिक फाइलेरिया बीमारी से प्रभावित देवघर जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने हेतु लिया गया शपथ।

RKTV NEWS/देवघर (झारखंड) 11 फरवरी।मंगलवार को जिला स्तरीय फाइलेरिया मुक्ति कार्यक्रम एमडीए 2026 का शुभारंभ उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा के द्वारा सदर अस्पताल के सभागार में फाइलेरिया रोधी दवा डीईसी एवं अल्बेंडाजॉल खाकर किया किया गया। फाइलेरिया के विलोपन हेतु सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक देवघर के सभी आठ सीएचसी – जसीडीह, मोहनपुर, सारवां, सारठ, पालोजोरी, मधुपुर, देवीपुर एवं करौं के साथ देवघर शहरी क्षेत्र में अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।
इसके अलावा कार्यक्रम में डॉ बच्चा प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन देवघर, डॉ अभय कुमार यादव, जिला भीबीडी पदाधिकारी, डॉ रमेश कुमार, जिला आरसीएच पदाधिकारी, डॉ सुषमा वर्मा, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, डॉ शब्दकांत मिश्रा, नोडल पदाधिकारी एनयूएचएम, डॉ गणेश कुमार यादव, जिला भीबीडी सलाहकार, डॉ मनीष शेखर, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, नीरज कुमार भगत, डीपीएम प्रवीण कुमार सिंह डीपीसी, प्रतिनिधि – जिला शिक्षा विभाग, प्रतिनिधि- जिला समाज कल्याण विभाग, डॉ हासीब- डब्लूएचओ-एनटीडी एवं पिरामल संस्था की टीम, सतीश कुमार दास, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, बीटीटी, एमपीडब्ल्यू, दवा प्रशासक के रूप में सहिया व सेविका तथा दवा पर्यवेक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी आदि शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान उपविकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने फाइलेरिया मुक्ति के लिए दवा का सेवन किया एवं इसके पश्चात सिविल सर्जन देवघर एवं अन्य पदाधिकारियों तथा अन्य सभी उपस्थितों को भी दवा का सेवन कराया गया। आगे उप विकास आयुक्त ने देवघर जिला के सभी नागरिकों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए अपील की एवं बताया की है यह दोनों दवाएं पूरी तरह सुरक्षित है। फाइलेरिया का कोई उपचार नहीं है परंतु दवा लेकर इस समय से पहले रोका जा सकता है। यह बीमारी व्यक्ति को आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक सभी तरीकों से प्रभावित करता है। इसीलिए सभी लोगों को इससे बचाव हेतु दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए। दवा खाकर ही इससे बचाव किया जा सकता है। इसीलिए सभी जिलावासी इस दवा का सेवन अवश्य करें। इसके अलावा उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा के द्वारा फाइलेरिया मुक्त देवघर के निर्माण हेतु कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को शपथ ग्रहण कराया गया। साथ ही सभी दवा पर्यवेक्षकों एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कार्यक्रम का एक्चुअल ड्रग कंप्लायंस रिपोर्ट ही जिला को भेजें, और रिफ्यूशल केसेस तथा माइग्रेटरी केसेस, एडीआर केसेस आदि के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी देंगे। ताकि चिन्हित क्षेत्रों में सघन प्रचार-प्रसार करते हुए दवा सेवन से छूटे हुए लोगों को दवा खिलाने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और जेएसएलपीएस टीम मिलकर सकारात्मक पहल कर सके। किसी भी सूरत में फेक रिपोर्ट नहीं देने के लिए मना किया गया।
सिविल सर्जन देवघर डॉ० बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि हाथी पांव की बीमारी गंदे पानी में पनपना वाले मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है और यह बीमारी जानलेवा नहीं है परंतु इसका इलाज भी नहीं है। स्वस्थ दिखने वाले सभी व्यक्तियों में फाइलेरिया के कीटाणु मौजूद हो सकते हैं, इसके लक्षण 5 से 15 वर्षों बाद दिखते हैं। एक बार लक्षण उभर जाने के बाद इसका इलाज संभव नहीं है। इसीलिए इससे बचाव के लिए सभी को रोकथाम हेतु दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए। यह दवा जिला के सभी आठ प्रखंड में कुल 2628 फाइलेरिया बूथों पर 5650 दवा प्रशासक दलों के देखरेख में तकरीबन 17 लाख 25 हजार लोगों को खिलाई जाएगी। इसके अलावा आज पहले दिन सभी सार्वजनिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय-महाविद्यालय आदि में बने फाइलेरिया बूथ के माध्यम से यह दवा खिलाई जाएगी। इस दवा का सेवन खाली पेट नहीं किया जाना है। वही 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को भी दवा नहीं दी जाएगी। एक से दो साल के बच्चों को सिर्फ एल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई जाएगी l
जिला वेक्टर बोर्न नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव ने बताया कि कुछ लोगों पर दवा खाने के बाद मामूली प्रतिक्रिया दिखाई दे सकती है – जैसे सर दर्द, उल्टी, चक्कर आना, बुखार या दस्त, परंतु इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इसका मतलब है कि शरीर के अंदर फाइलेरिया के मौजूद कीड़े मर रहे हैं, जिसके कारण इस तरह की प्रतिक्रियाएं हो सकती है। यह अच्छा संकेत है और इससे यह सीधा मतलब कि हम भविष्य में विकलांग होने से बच गए। अपने तथा अपने परिवार एवं आने वाले पीढ़ी के बचाव के लिए हम सभी को इसे लगातार पांच से छः वर्ष तक प्रतिवर्ष एक खुराक ही खाना है।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त के द्वारा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) के प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जो लोगों को इस बीमारी के लक्षण एवं इसके बचाव व दवा का सेवन करने हेतु जागरूक करेगा। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ गणेश कुमार यादव, जिला भीबीडी सलाहकार ने किया तथा फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष एवं विस्तृत जानकारी डब्लूएचओ-एनटीडी के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ० हासीब ने दिया। समापन डॉ रमेश कुमार, जिला आरसीएच पदाधिकारी देवघर के द्वारा उपस्थित सभी गणमान्य पदाधिकारी एवं लोगों को धन्यवाद देकर किया गया।

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