संशोधित अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान।
बजट अनुमान 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान।
संशोधित अनुमान 2025-26 के अनुसार कुल व्यय 49.6 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय 11 लाख करोड़ रुपये है।
केंद्र की निवल कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये हुईं।
RKTV NEWS/नई दिल्ली 01 फरवरी।आज संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किये बिना लगातार राजकोषीय वचनबद्धताओं को पूरा करती रही है।” इसी के अनुरूप, ऋण-से-जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी के 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गिरता हुआ ऋण-से-जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्याज भुगतान पर व्यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्यय के लिए संसाधनों को मुक्त करेगा।
राजकोषीय घाटा
राजकोषीय घाटा, जोकि ऋण लक्ष्य के लिए एक मुख्य प्रचालनात्मक लिखत है, के बारे में बात करते हुए श्रीमती सीतारमण ने संसद को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2021-2022 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे कम करने के लिए की गई वचनबद्धता को पूरा किया गया है। संशोधित अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा का अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऋण समेकन की नई राजकोषीय दूरदर्शिता के अनुरूप, बजट अनुमान 2026-27 राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
संशोधित अनुमान (आरई) 2025-26
वित्त मंत्री ने सूचित किया कि “गैर-ऋण प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्रर की निवल कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये है। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय 11 लाख करोड़ रुपये है। ”
बजट अनुमान (बीई) 2026-27
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय का अनुमान क्रमशः 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये है। केंद्र की निवल कर प्राप्तियों का अनुमान 28.7 लाख करोड़ रुपये है।”
निवल बाजार उधारी
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतु, दिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्य स्रोतों के आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है। ”

