यह पहल उच्च गुणवत्तापूर्ण, किफायती खेल सामान के लिए भारत के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरकर आने की क्षमता को और आगे ले जाएगी।
अगले एक दशक में खेल क्षेत्र के कायाकल्प के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा की गई।
खेलो इंडिया कार्यक्रम के द्धारा खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं के व्यवस्थित बढ़ावा देने को खेलो इंडिया मिशन और आगे बढ़ाएगा।
RKTV NEWS/नई दिल्ली 01 फरवरी।केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि उच्च गुणवत्तापूर्ण, किफायती खेल सामान के लिए भारत के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आने की क्षमता का लाभ उठाने के लिए एक खेलों के सामान से संबंधित पहल का देश में शुभारंभ किया जाएगा।
खेलों से संबंधित सामान पर की गई घोषणा तीन कर्तव्यों के पहले कर्तव्य पर केंद्रित है, जो इस वर्ष के बजट के स्तंभों का निर्माण करती हैं, अर्थात आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसको बनाए रखना, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बेहतर करना और उथल-पुथल वाले वैश्विक डायनेमिक्स के प्रति लचीलेपन का निर्माण करना। खेलों के सामान से संबंधित इस पहल का उद्देश्य उपकरण डिजाइन और सामग्री विज्ञान दोनों में विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय बजट ने एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव किया है, जो देश के खेलों से संबंधित इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। अपने बजट भाषण में श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा, “खेल क्षेत्र रोजगार के बहुत सारे साधन, कौशल और नौकरियों के अवसर प्रदान करता है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के द्धारा खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं के व्यवस्थित बढ़ावा देने को और आगे ले जाने के लिए मैं खेलो इंडिया मिशन के शुभारंभ का प्रस्ताव करती हूं, जो अगले एक दशक में खेल क्षेत्र का कायाकल्प कर देगा।” यह कदम बजट में रेखांकित किए गए दूसरे कर्तव्य के अनुरूप है, अर्थात देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं को विकसित करना, ताकि वे भारत की समृद्धि के मार्ग में मजबूत भागीदार बन सकें।
जैसा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, खेलो इंडिया मिशन निम्नलिखित को सुगम बनाएगा:
एक एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग, जो बुनियादी, इंटरमीडियट और एलीट स्तर पर प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा समर्थित होगा
प्रशिक्षकों और सहायक स्टाफ का व्यवस्थित विकास किया जाएगा
खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एकीकरण
खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए व इसके लिए मंच प्रदान करते हुए प्रतिस्पर्धाएं और लीग आयोजित कराना
प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए खेलों से संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास करना

