आरा/भोजपुर (अमरेश सिंह)20 जून। भाकपा-माले का भाजपा हटाओ,देश बचाओ जन अभियान चल रहा है जिसके तहत आरा लोकसभा क्षेत्र में 7-19 जून 23 तक रथ यात्रा निकाली गई थी। माले ने बताया की यह यात्रा 12 दिनों में सातो विधानसभा के करीब 200 गाँवों का दौरा किया। इस रथयात्रा का नेतृत्व पार्टी के तरारी विधायक का.सुदामा प्रसाद,अगिआंव विधायक का. मनोज मंजिल,पूर्व लोकसभा प्रत्याशी का.राजू यादव तथा इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य सचिव का.शिवप्रकाश रंजन कर रहे थे।रथयात्रा के साथ टीम में जन संस्कृति मंच के साथी राजू रंजन तथा कृष्ण कुमार निर्मोही भी शामिल थे।यात्रा के दौरान यह देखा गया कि आम-अवाम में मोदी सरकार के प्रति भारी विछोभ और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।आज प्रेस वार्ता कर प्रेस को सम्बोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार अमृत उत्सव मनाने तथा अगले लोकसभा चुनाव को साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए जीतने की कुचक्र रच रही है तो दूसरी तरफ पूरा देश भयंकर महंगाई,चरम बेरोजगारी, भूखमरी,भ्रष्टाचार और लोकतंत्र की हत्या के दौर से गुजर रहा है। किसान,मजदूर, छात्र नौजवान, दलित,अल्पसंख्यक और महिला सभी त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। पिछले नौ सालों में देश पर अंतरराष्ट्रीय कर्ज तीन गुना बढ़ कर 155 लाख करोड़ रुपया हो गया है।
आगे नेताओं ने कहा कि मोदी राज में देश की सार्वजनिक संपतियों को अपने मित्र पूंजीपतियों के हाथों कौड़ी के भाव में बेचा जा रहा है,हत्यारों, ठगों और बलात्कारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।संसद में सिंगोल स्थापित कर लोकतंत्र और संविधान पर अबतक का सबसे बड़ा हमला किया गया है।राष्ट्रपति,उपराष्ट्रपति को दरकिनार करके संसद भवन का जिस तरह उद्घाटन किया गया वह देश पर हिन्दुराष्ट्र व लोकशाही के जगह राजशाही थोपने का षड्यंत्र है।क्या देश अब मनुस्मृति से चलेगा?उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार जब पहली बार सत्ता में आई थी तो नौजवानों को प्रति वर्ष 2 करोड़ रोजगार,महंगाई कम करने,किसानों की आय दुगना करने,महिलाओं की सुरक्षा,भ्रष्टाचार खत्म करने के वादे के साथ आई थी लेकिन स्थिति ठीक विपरीत है।आज सभी लोग इस भ्रष्ट,निकम्मी और फासीवादी सरकार से मुक्ति चाहते हैं। वार्ता में कहा गया की जनता का पुरा भरोसा भाकपा माले पर टिका हुआ है कि आने वाले दिनों में इसी लाल झंडे के नेतृत्व में एक संयुक्त अभियान चला कर और जनता के ज्वलंत मुद्दों को सामने लाकर ही इस फासीवादी सरकार को परास्त किया जा सकता है!
केंद्र सरकार शिक्षा स्वास्थ्य सिंचाई,मनरेगा सहित अन्य ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं के मद में लगातार कटौती कर रही है।उसने मनरेगा में 429 रु.मजदूरी देने से साफ इंकार कर दिया।देश की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रवासी मजदूरों के प्रति केंद्रीय सरकार की चरम उपेक्षा को कोविड और लॉकडाउन ने बेनकाब किया था फिर भी आज तक प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई कानून नहीं बनाया गया। मोदी सरकार ने 2022 तक सभी गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने का भी वादा किया था लेकिन उसने वादा तो पूरा नहीं ही किया उलटे उसके पूरा हो जाने का झूठा दावा कर रही है। जनवितरण प्रणाली और खाद्यान्न योजना को भी खत्म करने की साजिश कर रही है। वैश्विक भूख सूचकांक की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार 121 देशों की सूची में भारत 107 के स्थान पर पहुंच गया है!भाजपा द्वारा दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में कटौती की भी साजिश जारी है। अंत में नेताओं ने कहा कि अगर ये अमृत काल है तो ज़हर काल किसे कहा जायेगा?अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि काफी धूमिल हुई है मोदी सरकार में।
प्रेस वार्ता में शामिल प्रमुख नेताओं में जवाहर लाल सिंह,जिला सचिव, भाकपा माले,सुदामा प्रसाद,तरारी विधायक मनोज मंजिल,अगिआंव विधायक राजू यादव,आरा लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी शिवप्रकाश रंजन,राज्य सचिव, इंकलाबी नौजवान सभा,दिलराज प्रीतम,नगर सचिव,चंदन कुमार,मीडिया प्रभारी उपस्थित थे।

