RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

पटना:हिन्दी-सेवा को ‘राष्ट्र-सेवा’ मानते थे सुधांशु जी, मर्म-स्पर्शी कवि थे अमरेश : डॉ अनिल सुलभ

साहित्य सम्मेलन में मनायी गयी जयंती, दी काव्यांजलि, सम्मानित हुए पुजारी और समदर्श।

RKTV NEWS/पटना(बिहार)18 जनवरी। हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन में भारत के जिन महापुरुषों ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया,उनमें साहित्य सम्मेलन और बिहार विधान सभा के अध्यक्ष रहे, डा लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु’ जी का नाम अग्र-पांक्तेय है। उनके लिए हिन्दी-सेवा ‘राष्ट्र-सेवा’ थी। वे राजनीति और साहित्य के आदर्श व्यक्तित्व थे। राजनीति में उनका आदर्श ‘महात्मा गांधी’ और हिन्दी-सेवा में उनका आदर्श ‘राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन’ थे।
यह बातें, रविवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित जयंती-समारोह एवं कवि-सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए, सम्मेलन-अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कही। उन्होंने कहा कि, हिन्दी के प्रति उनका प्रेम कैसा था, वह इस एक घटना से समझा जा सकता है। उनसे एक पत्रकार ने पूछा कि “यदि आपको ‘बिहार विधान सभा’ अथवा ‘हिन्दी प्रगति समिति’ के अध्यक्ष पदों में से कोई एक चुनना पड़े, तो आप किसे चुनेंगे?” सुधांशु जी का उत्तर था- “हिन्दी प्रगति समिति! हिन्दी के लिए मैं कुछ भी त्याग सकता हूँ, विधान सभा का अध्यक्ष पद भी”। तब वे दोनों ही संस्थाओं के अध्यक्ष थे।
जयंती पर कवि विजय अमरेश को स्मरण करते हुए डा सुलभ ने कहा कि अमरेश जी का व्यक्तित्व बहु-आयामी था। वे एक मर्म-स्पर्शी कवि, समर्पित रंगकर्मी, मंच संचालक और पटकथा-लेखक थे। आकाशवाणी और दूरदर्शन के लिए अनेक धारावाहिकें लिखी और प्रस्तुत भी किया।
इस अवसर पर, पं विद्यानन्द-गोकुलानंद स्मृति-संस्थान के सौजन्य से कवि जय प्रकाश पुजारी को ‘पं विद्यानंद मिश्र स्मृति-सम्मान’ तथा कवि-पत्रकार नीरव समदर्शी को ‘गोकुलानन्द तिवारी स्मृति सम्मान’ से विभूषित किया गया। स्मृति-संस्थान की ओर से कवयित्री डा पूनम आनन्द ने सम्मानित हिन्दी-सेवियों को अंग-वस्त्रम, प्रशस्ति-पत्र और दो हज़ार एक सौ रूपए की सम्मान-राशि प्रदान की।
वरिष्ठ कवि और भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी बच्चा ठाकुर, डा रत्नेश्वर सिंह, ईं अशोक कुमार तथा डा मनोज गोवर्द्धनपुरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर आयोजित कवि-सम्मेलन का आरंभ चंदा मिश्र ने वाणी-वंदना से किया। वरिष्ठ कवि श्याम बिहारी प्रभाकर, प्रो सुनील कुमार उपाध्याय, डा पूनम आनंद, सागरिका राय, कुमार अनुपम, सूर्य प्रकाश उपाध्याय, डा आर प्रवेश, अर्जुन प्रसाद सिंह, नरेंद्र कुमार, इंदु भूषण सहाय, बाँके बिहारी साव, लता प्रासर, दीपक कुमार गुप्त, मुन्ना कुमार, संजय लाल चौधरी आदि कवियों और कवयित्रियों ने अपनी सुमधुर रचनाओं से काव्यांजलि दी। मंच का संचालन कवि ब्रह्मानन्द पाण्डेय ने तथा धन्यवाद-ज्ञापन प्रबंधमंत्री कृष्ण रंजन सिंह ने किया।
विजय कुमार तिवारी, भैरव लाल दास, डा दिनेश पटेल, विशाल कुमार, गुनगुन पटेल, डा चन्द्रशेखर आज़ाद, नन्दन कुमार मीत, कुमारी मेनका, डॉली कुमारी, तनवीर आलम, सूरज कुमार आदि प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

Related posts

सारण:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डोर स्टेप डिलीवरी से संबंधित जिला स्तरीय परिवहन समिति की बैठक।

rktvnews

जापान ने भारत में विभिन्न क्षेत्र की नौ परियोजनाओं के लिए 232.209 अरब जापानी येन (जेपीवाई) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई।

rktvnews

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ का निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक हो: सुदामा प्रसाद

rktvnews

रायपुर : कैदियों ने उत्तीर्ण की परीक्षा।

rktvnews

गढ़वा:उपायुक्त ने जनसुनवाई के माध्यम से सुनी आमजनों की समस्याएं।

rktvnews

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री द्वारा रविदास घाट पर नौकाओं के लिए फ्लोटिंग मोबाइल रि-फ्यूलिंग (एमआरयू) सीएनजी स्टेशन का उद्घाटन।

rktvnews

Leave a Comment