बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री ने काम के दौरान हुए हादसे में मृतक 28 वर्षीय मजदूर राजा राम कुशवाहा की आश्रिता पत्नी को 01 लाख रुपया नगद एवं 16 लाख रुपए उनके बैंक खाते में भेजा गया।
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड )06 जनवरी। गिरिडीह के बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री में काम के दौरान हुए हादसे में 28 वर्षीय मजदूर राजा राम कुशवाहा की मौत हो गई, जिस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए जिला उपायुक्त, रामनिवास यादव ने सहायक श्रमायुक्त एवं श्रम विभाग के अधिकारियों को बालमुकुंद स्पोंज एंड आयरन कंपनी से समन्वय स्थापित करते हुए मुआवजा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया। जिसके परिणामस्वरूप मृतक की आश्रिता पत्नी खुशबू देवी को Workmen’s Compensation Act, 1923 के तहत 01 लाख रुपया नगद (जिसमें दाह संस्कार हेतु 50,000 और 50,000 अनुदान राशि में रूप में) दिया गया है, इसके साथ ही 16 लाख रुपए की राशि उनके बैंक खाते में भेजी गई।
विदित हो कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 के कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं, चोटों या बीमारियों के कारण मृत्यु या विकलांगता होने पर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को वित्तीय सुरक्षा और मुआवजा प्रदान करता है। यह अधिनियम नियोक्ताओं को दुर्घटना या बीमारी के कारण हुई क्षति, विकलांगता या मौत के लिए मुआवज़ा देने के लिए बाध्य करता है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्य के दौरान या कार्य से संबंधित दुर्घटना के कारण श्रमिक को चोट, अपंगता या मृत्यु होने की स्थिति में नियोक्ता द्वारा मुआवजा (Compensation) प्रदान करना सुनिश्चित करना है।
2. लागू क्षेत्र (Applicability)
• यह अधिनियम कारखानों, खदानों, निर्माण कार्य, परिवहन एवं अन्य खतरनाक व्यवसायों में कार्यरत श्रमिकों पर लागू होता है।
• अनुसूची में वर्णित श्रेणी के कामगार इसके अंतर्गत आते हैं।
महत्व (Significance)
• यह अधिनियम भारत में श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कानूनों की आधारशिला है।

