बच्चों के मानसिक विकास पर दिया गया जोर।
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)27 दिसंबर।उपायुक्त कीर्तिश्री जी के निर्देशानुसार उगम फाउंडेशन के माध्यम से चतरा जिले में ‘री-इमेजिंग आंगनबाड़ी’ विषय पर 26 एवं 27 दिसंबर को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले की सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं तथा सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला के दौरान उगम फाउंडेशन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों के प्रारंभिक वर्षों के महत्व को विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण में यह स्पष्ट किया गया कि बच्चों के मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास आठ वर्ष की आयु तक पूर्ण हो जाता है, ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की देखभाल अत्यंत संवेदनशीलता के साथ एक कली अथवा पुष्प के समान की जानी चाहिए।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष रूप से चर्चा की गई कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का स्वागत किस प्रकार स्नेह एवं अभिवादन के साथ किया जाए, साथ ही खेल-खेल में बच्चों को अक्षर ज्ञान, संख्या ज्ञान एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियों से कैसे जोड़ा जाए, ताकि बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावी ढंग से प्रोत्साहित किया जा सके।
कार्यशाला के समापन समारोह में उपायुक्त कीर्तिश्री जी, उप विकास आयुक्त, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा तथा विभिन्न बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त ने बच्चों के मानसिक विकास पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि आज बच्चों के मानसिक विकास पर समुचित ध्यान दिया जाए, तो निश्चित रूप से उनके उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बच्चे भविष्य में अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह योजना बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने से जुड़ी है, इसलिए ‘री-इमेजिंग आंगनबाड़ी’ कार्यक्रम जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।

