
बड़हरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)23 दिसंबर।भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत गुंडी गांव में स्थित भारतीय दक्षिण शैली पर आधारित रंगनाथ मंदिर का 186 वां वार्षिकोत्सव पूरे श्रद्धा व भक्ति भाव के साथ सोमवार से प्रारंभ हो गया है।श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा जो मंदिर परिसर से निकला और गांव भ्रमण के बाद गाजे बाजे के साथ रंग बिरंगे परिधानो में सुसज्जित होकर महिला, पुरुष व बच्चें सिर पर कलश लिए जयकारा लगाते जा रहे थे। यात्रा गुंडी से सरैंया, घांघर, सिन्हा बांध के रास्ते महुली घाट पहुचा जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। गौरतलब है कि मंदिर का निर्माण 1840 ईस्वी के आसपास गुंडी के तत्कालीन जमींदार चौधरी विशुन देव सिंह द्वारा कराया गया था। मंदिर निर्माण में चुनार के पत्थरों का प्रयोग किया गया है। जो इसकी भव्यता और मजबूती को दर्शाता है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु रंगनाथ स्वरूप में शयन मुद्रा में विराजमान हैं। यह प्रतिमा दक्षिण भारत के श्रीरंगम स्थित रंगनाथ स्वामी मंदिर की प्रतिकृति के समान मानी जाती है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर देवी-देवताओं और गरुड़ की कलात्मक नक्काशी श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है। यह मंदिर भोजपुर जिले के लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। 186 वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित भागवत कथा में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। यह धार्मिक आयोजन 22 से 26 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
