डमरू वादन पूर्वक मां वरूणा तट पर राष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षा बोर्ड द्वारा साफ़ -सफाई कर किया गया पूजन अर्चन।

स्वर की देवी मां हंस वाहिनी ओ मां ज्ञानदायिनी – गायक -अनुज दूबे ने सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया
RKTV NEWS/वाराणसी (उत्तर प्रदेश)23 मार्च।वाराणसी महानगर के कचहरी स्थित वरुणापुल,शास्त्री घाट पर मां वरूणा का पूजन अर्चन के पश्चात् अडिग सभागार में दो दिवसीय तेईसवां मां वरूणा महोत्सव के प्रथम दिन शुभारंभ लोकगायिका रंजना राय एवं दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी एडवोकेट ने मां वरूणा के तैल चित्र पर पट्टिका पहनाकर सैकड़ों दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
मुख्य संरक्षक श्रीप्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश के गरिमामयी उपस्थिति में गायक -अनुज दूबे के प्रमुख संयोजन और कवि/कलाकार संयोजक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के दिशा -निर्देशन में पंच डमरू वादन पूर्वक मां वरूणा का पूजन अर्चन किया गया।
काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह मंगल, विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लोक भूषण सम्मान प्राप्त कवि डॉ. जयप्रकाश मिश्र ने डॉ. गिरीश पाण्डेय काशिकेय के अध्यक्षता में मानव समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मां वरूणा स्मृति सम्मान भेंट किया गया।
तत्पश्चात् सोनभद्र के कवि राजशेखर एवं वाराणसी के कवि लोकभूषण डॉ. जयप्रकाश मिश्र को भारत गौरव विशेष मानद सम्मान भी भेंट किया गया।
साहित्यिक/सांस्कृतिक का आगाज़ लोकगायिका रंजना राय द्वारा मां गंगा, मां वरूणा की महिमा अपरम्पार है, इनके कृपा बिन हमसबका जीवन निराधार है, गायक राम कुशवाह ने – मां नव दुर्गा/ शिव का हम सब जय-जयकार करें,अपना जीवन साकार करें ना सहित अनेकों गीत, ग़ज़ल से शमां बांधा।
डॉ.गिरीश पाण्डेय काशिकेय के अध्यक्षता में कवि डॉ. जयप्रकाश मिश्र,सुखमंगल सिंह मंगल, इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक, राजेन्द्र प्रसाद हंस,चिंतित बनारसी, मृत्युंजय त्रिपाठी मलंग, पूनम गुप्ता पूर्वी, रंजीत मिश्रा सहित अनेकों रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आयोजन के दूसरे दिन गायिका शैलबाला ने शायरे आज़म चिंतित बनारसी के अध्यक्षता में मां वरूणा के तैल चित्र पर पट्टिका ओढ़ाकर मां वरूणा महोत्सव का शुभारंभ किया। कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के संचालन में काव्य, गीत ग़ज़ल का माहौल लखनऊ की प्रख्यात शिक्षाविद् एवं कवयित्री निकेता सिंह – मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि गायिका शैलबाला एवं पार्थ सरकार के गरिमामयी उपस्थिति में श्रोताओं ने पूर्ण परमानन्द की अनुभूति करवाया।
विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वय ने मां वरूणा स्मृति सम्मान – 2026 भेंट किया।
हारमोनियम पर संगत- गायक राम कुशवाहा, तबला पर -शुभम कुमार,स गिटार पर आकाश रंजन ने संगत किया।
प्रमुख संयोजक – गायक -अनुज दूबे ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण मुक्ति एवं जल की शुद्धता के लिए अध्यात्मिक/ साहित्यिक/ सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को मां वरूणा महोत्सव में एक मंच पर बुलाकर वर्ष पर्यन्त हम लोग जन-जागरण करते रहते हैं । समस्त नदी, नालों,पोखरा, तालाबों में व्याप्त गन्दगी को और पर्यावरण प्रदूषण मुक्ति के लिए हर जन-जन को जागरूक होने की जरूरत है। अन्यथा वो दिन दूर नहीं होगा जब हम-सब स्वच्छ जल और खुली हवा के अभाव में मछलियों की तरह जीते जी तड़फड़ाने को मजबूर होंगे।
कवि/कलाकार संयोजक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से ओजोन परत है चटक रहा, जागरूक मानव क्यूं है, अपने राह से भटक रहा।इस पर गहरे चिंतन एवं मंथन की जरूरत है।
स्वागत संबोधन – नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता,रंजीत मिश्रा, सावित्री दुबे, रूद्र दुबे,मंजरी झां, रतन विश्वकर्मा, राधेश्याम यादव एडवोकेट ने किया।धन्यवाद आभार गायक -अनुज दूबे ने किया।


