
RKTV NEWS/भुवनेश्वर(ओडिशा)05 नवंबर ।विश्व हिंदी परिषद, ओडिशा प्रांत द्वारा राजभवन परिसर स्थित अभिषेक हॉल में एक भव्य हिंदी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओडिशा के महामहिम राज्यपाल डॉ. कंभमपति हरि बाबू ने हिंदी को ज्ञान, विज्ञान और नवाचार की भाषा के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता की नींव है। उन्होंने इसकी भावनात्मक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर बल देते हुए कहा, “हिंदी को विज्ञान, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
” उन्होंने परिषद द्वारा हिंदी सेवा और वैश्विक स्तर पर भाषा के प्रचार-प्रसार में किए जा रहे दीर्घकालिक प्रयासों की सराहना की।राज्यपाल ने यह भी कहा कि हिंदी भारत की विविध संस्कृतियों को जोड़ने वाला भावनात्मक सेतु है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषा व क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा महत्वपूर्ण निर्णय है, जो राष्ट्र के युवाओं को विश्व–स्तरीय पहचान दिलाएगा।
समारोह में विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री एवं पद्मभूषण आचार्य यर्लगद्दा लक्ष्मी प्रसाद ने कहा:“हिन्दी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और संवेदना का जीता-जागता स्वरूप है।
आज दुनिया भारत की उभरती हुई शक्ति को स्वीकार कर रही है और इसी के साथ हिन्दी का सम्मान भी बढ़ रहा है। हमारे युवाओं में हिन्दी के प्रति गर्व देखना अत्यंत सुखद है।
हम सभी का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में हिन्दी न केवल वैश्विक कूटनीति और ज्ञान-विज्ञान की प्रमुख भाषा बने, बल्कि विश्व के मन और विचार में नेतृत्वकारी भूमिका निभाए।”
