कचरे से होगी नगर पालिका खेकड़ा की राजस्व वृद्धि , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से शहर बनेगा स्वच्छ।
पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, खेकड़ा कस्बे को मिलेगी कूड़े कचरे से राहत।

वेस्ट टू वेल्थ का मॉडल बनेगा एमआरएफ सेंटर, खेकड़ा बनेगा जीरो वेस्ट सिटी, हर दिन 05 टन कूड़ा हो रहा प्रोसेस।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)01 नवम्बर।नगर पालिका परिषद खेकड़ा में स्थापित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने निरीक्षण किया। यह केंद्र खेकड़ा कस्बे को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है। यहां नगर क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग पांच टन गीला और सूखा कूड़ा-कचरा एकत्र कर आधुनिक मशीनों के माध्यम से पृथक्करण और प्रोसेसिंग की जाती है। जिलाधिकारी ने केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि चार मशीनों में से दो मशीनें अक्रियाशील हैं जिनकी शीघ्र मरम्मत कराकर कार्यशील कराने के निर्देश दिए। मौके पर ही ईओ खेकड़ा को निर्देशित किया कि कूड़े के पृथक्करण के बाद प्राप्त सामग्री का अधिकतम पुनर्चक्रण किया जाए ताकि नगर पालिका की आय में वृद्धि हो और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि कचरे को केवल निस्तारण के रूप में नहीं बल्कि संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए। यदि हम कूड़े कचरे का पुनर्चक्रण नहीं जानते तो कचरा एक समस्या है लेकिन पुनर्चक्रण सीखकर इस समस्या को अवसर में बदला जा सकता है।
जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशत किया कि जनपद की सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जाए । उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में ‘वेस्ट टू रोड’ की अवधारणा पर्यावरण संरक्षण और स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे एक ओर प्लास्टिक कचरे का सही उपयोग होगा तो वहीं सड़कों की मजबूती भी बढ़ेगी।
उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि गीले और सूखे कचरे के अलावा अन्य अपशिष्ट जैसे धातु, कागज, ई-वेस्ट आदि के पुनर्चक्रण एवं विक्रय के माध्यम से नगर पालिका की आय बढ़ाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस एमआरएफ केंद्र को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए क्योंकि शहर की स्वच्छता और नागरिकों का स्वास्थ्य इसी पर निर्भर करता है।
खेकड़ा स्थित यह एमआरएफ सेंटर नगर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को संगठित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस केंद्र में कचरे के पृथक्करण, क्रशिंग सहित अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग किया जाता है। इससे जहां कूड़ा-कचरा खुले में फैलने से रोका जा सकेगा, वहीं पर्यावरणीय प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही मिशन लाइफ के तहत सर्कुलर इकॉनमी को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह केंद्र खेकड़ा कस्बे को कचरे की समस्या से राहत देगा और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा। आने वाले दिनों में खेकड़ा कस्बा “जीरो वेस्ट सिटी” की पहचान पाएगा।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग से अधिशासी अभियंता अतुल कुमार, ईओ खेकड़ा हरिलाल पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

