जायेगा नहीं अंधेरा !
जायेगा नहीं अंधेरा
चाहे जितना जला लो दीया
जायेगा नहीं अंधेरा ।
जलते जलते दीया
बूझ जायेगा अंत बेला
यह हर न सकेगा अंधेरा ।
जल जायेगी इसकी बाती
जल जायेगा तेल सारा
अंततः शक्तिहीन हो
बूझ जायेगा दीया
छा जायेगा अंधियारा।
आज
जन जन को प्रिय है अंधेरा
अंधेरा में कर रहा गलत धंधा
अंधेरा में ही
यह फल फूल रहा ज्यादा
इसीलिए कहता
चाहे जितना जला लो दीया
जायेगा नहीं अंधेरा।


