आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 मई।महंत महादेवानंद महिला महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा वर्तमान परिवेश में दर्शनशास्त्र के महत्व पर सेमिनार का आयोजन हुआ।इसकी अध्यक्षता एम. एम. महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आभा सिंह ने की। मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विभागाध्यक्ष दर्शनशास्त्र की डॉ. चंदा सिन्हा थी। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता कुमारी ने किया।प्राचार्या डॉ आभा सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहां की दर्शनशास्त्र आत्मा अध्यात्मवाद का मूल है जिसका अनुसरण करते हुए विद्वान,संत, महात्मा शिखर तक पहुंचे हैं और दुनिया में दर्शन का महत्व बतला रहे हैं।दर्शनशास्त्र की गहनता और विशालता समस्त प्रश्नों और संदेह को दूर करती है।यह मानव के अस्तित्व,तर्क, ज्ञान, मूल्य, मन और भाषा से संबंधित ज्ञान है। मुख्य वक्ता पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. चंदा सिन्हा ने कहा कि दर्शन सत्य का साक्षात्कार है। यह जीवन के सभी आयामों के प्रति जागरूक करता है। यह सनातन भारतीय परंपरा की रीढ़ रही है। यह सभी आधुनिक विज्ञान का मूल है। दर्शनशास्त्र की वर्तमान विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता कुमारी ने कहा कि दर्शनशास्त्र सत्य का अन्वेषण है। यह विज्ञान और जन सामान्य के जीवन को बेहतर बनाने का दर्शन है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सिंकु कुमारी ने किया। व्याख्यान में मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. लतिका वर्मा, इतिहास के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, डॉ. सादिया हबीब, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. विजय श्री, डॉ. सुप्रिया झा, डॉ. कुमारी शिल्पा, डॉ. स्वाति कुमारी, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. रजनी तथा अन्य की उपस्थिति रहीं।
