
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 अक्टूबर।पूरे विश्व में आर्थिक दृष्टिकोण से भारत का बोलबाला है।हर क्षेत्र में भारत आगे की ओर बढ़ रहा है यही बात कुछ देशों को हजम नहीं हो रही है ।भारत का मित्र कहने वाला देश अमेरिका जिसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो भारत के इस सफलता को हजम नहीं कर पा रहे हैं । इसलिए उन्होंने तरह-तरह के हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए जिसमें भारत को 50% की टैरिफ लगाने की भी बात आई।इन्हीं सब मुद्दों पर चर्चा के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी आरा में राष्ट्रीय स्वदेशी सुरक्षा अभियान के तहत बुद्धिजीवों के द्वारा एक बैठक की गई जिसमें यह बल दिया गया कि हमें जितना हो सके स्वदेशी चीजों को अपनाने की जरूरत है. अगर हम विदेशी चीजों को अपनाते हैं तो हमारा सारा निर्भरता उन पर हो जाएगा और हमारी अर्थव्यवस्था भी गड़बड़ा जाएगी. हमारे ही खरीदे हुए सामानों से आज विदेशी ताकते हम से ही मुनाफा कमा हमी को आंख दिखाते नजर आ रहे हैं. अगर हम अपने देश के बने हुए स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करते हैं और उनका उत्पादन करते हैं तो इसका मुनाफा हमारे देश में आएगा और हमारे देश के युवकों को रोजगार मिलेगा और वह स्वावलंबी होंगे. विदेशी चीज कोका-कोला, पेप्सी, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और जो विदेशी प्रोडक्ट हम अपनाते हैं इन सब का बहिष्कार कर हमें हमारे देश के बने हुए चीजों का उपयोग करने की जरूरत है. ताकि भविष्य में हमारी निर्भरता दूसरे देशों पर कम हो आज तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं जिससे हमारे देश की तरक्की में बाधा उत्पन्न हो हमारे देश के हर नागरिकों का यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने देश के स्वाभिमान के लिए देश हित में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें. स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन करें स्वदेशी खाएं स्वदेशी खिलाए स्वदेशी निर्यात करें जिससे हमारी अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हो. विश्व अभी आर्थिक संकट से जूझ रहा है अगर हम अपने देश में ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी चीजों का निर्यात करेंगे उपयोग करेंगे तो हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. मजदूरों को रोजगार मिलेगा और और विदेशी चीजों से होने वाली बीमारियों से दूर रहेंगे. हमारे पूर्वज स्वदेशी चीज खा कर 100 साल जिंदा रहते थे आज मिलावटी चीज जो विदेशों से आ रही है पिज़्ज़ा बर्गर यह सब हमारी सेहत के लिए अच्छी नहीं है .इसलिए हम सबको स्वदेशी अभियान के तहत जोड़ने की जरूरत है और अपने देश को सफलता के शिखर पर पहुंचने की जरूरत है .आज के इस कार्यक्रम में एमएलसी जीवन कुमार ,ललन जी, दिलीप जी ,शंभूनाथ प्रसाद, आदित्य जैन जी, अशोक कुमार ,ददन चौरसिया ,जितेंद्र कुमार ब्याहुत, जितेंद्र शुक्ला, अजय जी, संजीव गुप्ता ,सत्यनारायण प्रसाद और इस कार्यक्रम के संयोजक पंकज प्रभाकर शामिल थे।
