पुरातत्व संरक्षण की दिशा में हो रही नेक पहल।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 3 अक्टूबर। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को विश्व के श्रेष्ठ विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने की संकल्पना के साथ कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय के विकास और महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सार्थक चर्चा की गई। कुलपति डॉ. शर्मा ने डॉ. रमन सिंह से विश्वविद्यालय को विश्व के अनूठे और श्रेष्ठ शिक्षण संस्थान का रूप देने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को एशिया महाद्वीप के कला को समर्पित प्रथम विश्वविद्यालय होने का गौरव पहले से ही प्राप्त है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुरु-शिष्य परंपरा और बेहतर शिक्षण पद्धति को मजबूत करने की योजना पर चर्चा की गई। डॉ. रमन सिंह ने कुलपति के इस दृष्टिकोण की सराहना की और जल्द ही इस पर अमल करने का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुरातत्व संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी का नामकरण विश्वविद्यालय की संस्थापक सदस्य राजकुमारी शारदा देवी के नाम पर किया है। कुलपति डॉ. शर्मा ने डॉ. रमन सिंह को इस नामकरण के संबंध में जानकारी दी और बावड़ी की नाम पट्टिका का अनावरण करने के लिए उनसे कार्यक्रम में शामिल होने का निवेदन किया।
डॉ. रमन सिंह ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए घोषणा की कि वह 17 या 18 अक्टूबर को इंदिरा कला विश्वविद्यालय पहुंचेंगे और अपने कर-कमलों से इस नाम पट्टिका का अनावरण करेंगे। विश्वविद्यालय के जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए शासन से 5 करोड़ रुपए की राशि की मांग की थी। कुलपति ने डॉ. सिंह से शीघ्र राशि प्रदान करने का आग्रह किया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी सहमति व्यक्त करते हुए जल्द कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इस दौरान, विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक-प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार, और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक चर्चा की गई।

